कोरोना वायरस के दौरान हल्का बुख़ार आना चिंता की बात :
नई दिल्ली,VON NEWS: जिस तेज़ी से कोरोना वायरस के मामले और मृत्यु दर बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में ज़ाहिर है गले में हल्की सी ख़राश भी लोगों में दहशत पैदा कर देती है। ये हालात ख़ासकर उन लोगों में और भी ज़्यादा डर पैदा कर रहे हैं, जिनकी उम्र 60 से ऊपर है, गर्भवति महिलाएं या जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
कोरोनो वायरस पिछले 4-5 महीनों से दुनिया भर में कहर बरपा रहा है। ये जिस तेज़ी से बढ़ रहा है उसी तेज़ी से किसी के भी इसकी चपेट में आने के आसार भी बढ़ रहे हैं। कई लोगों में SARS-CoV2 वायरस से संक्रमित होने पर एक भी लक्षण विकसित नहीं होता है, वहीं, कई लोग हल्की सूखी खांसी, हल्का बुख़ार और बदन दर्द जैसे लक्षण महसूस कर सकते हैं। यहां तक कि कई लोगों ने सूंघने और स्वाद चखने के भाव के खो देने की भी शिकायत की है।
क्या बुख़ार आने का मतलब कोरोना वायरस है
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, ये 3 कोरोना वायरस के सबसे आम लक्षण हैं:
55,924 लैब से 87.9 प्रतिशत कोरोना वायरस के मामलों में बुख़ार की पुष्टि हुई।
55,924 लैब से 38.1 प्रतिशत कोरोना वायरस के मामलों में थकावट देखी गई।
इसके अलावा बलग़म आना (33.4 प्रतिशत), सांस की तकलीफ (18.6 प्रतिशत), गले में खराश (13.9 प्रतिशत) और सिरदर्द (13.6%) जैसे लक्षण भी देखे गए। इस डेटा के अनुसार, बुख़ार आना कोरोना वायरस से संक्रमित होने का सबसे आम लक्षण है, हालांकि, कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर सभी को बुखार नहीं आता है।
बुखार आम फ्लू है या कोरोना वायरस के कारण, ये कैसे पता लगाएं?
अगर आपको संदेह होता है कि आपको कोरोना वायरस है, तो सबसे पहली चीज़ जो आपको करनी चाहिए, वो है अपने डॉक्टर से संपर्क करें। लेकिन ध्यान रहे कि आप सीधे क्लिनिक या अस्पताल न जाएं, जब तक कि गंभीर लक्षण विकसित न हों या आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में न आते हों।
आप अपने राज्य के हेल्पलाइन नंबर के संपर्क में भी आ सकते हैं और अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं को दूर कर सकते हैं।
WebMD के अनुसार सामान्य शरीर का तापमान 97 डिग्री फ़ारेनहाइट से 99 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच कहीं भी भिन्न हो सकता है। हमारे शरीर का तापमान भी दिन भर उतार-चढ़ाव भरा रहता है, ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितने सक्रिय हैं, दिन का समय क्या है और यहां तक कि आपने क्या खाया है या क्या पीया है।
ज़्यादातर मामलों में, 100.4 डिग्री से कम का तापमान चिंताजनक नहीं माना जाता है। आमतौर पर हल्का बुख़ार आराम करने और तरल पदार्थ लेने से अपने आम ठीक हो जाता है।
हल्का बुख़ार आ जाता है (100.4 डिग्री से कम) और इसके साथ ठंड लगना, कंपकंपी और खांसी शुरू हो जाती है, तो आपको अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करना चाहिए। आपके डॉक्टर ये बता पाएंगे कि आपको सिर्फ आराम की ज़रूरत है या फिर फौरन इलाज कराने की।
इसके बाद ही अगर आपको लगता है कि आप कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, तो अपने आपको 7 दिनों तक आइसोलेशन में रखें। इसका मतलब जिस किसी को भी कोरोना वायरस के हल्के लक्षण महसूस होते हैं, उसे 7 दिनों तक आइसोलेशन में रहना चाहिए।
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