गोरखपुर में ऐसा श्मसान घाट जो पर्यटन स्‍थल को दे रहा मात,पढ़िए पूरी खबर

गोरखपुर,VON NEWS: धूल-मिट्टी के गुबार के बीच दुख से भरे लोग, मिट्टी के टीलों पर बैठने की जगह की तलाश में इधर-उधर समय काटने के दिन अब बीत चुके हैं। जिस श्मसान को दुख के समय में कुछ देर का साथी माना जाता था, अब वह पर्यटक स्थल बन चुका है। दुख से भरे मन लिए लोग आएंगे जरूर लेकिन अपने स्वजन को भव्य माहौल में आखिरी विदाई देकर संतोष का भाव चेहरे पर दिखेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर के उस इलाके पर भी अपनी विकास वाली नजर दौड़ाई जहां विकास की कल्पना अब तक किसी ने नहीं की थी। सैकड़ों एकड़ में फैले राप्ती नदी के दोनों पाट पर स्वजन को आखिरी विदाई देते वक्त लोग आते थे या बाढ़ के दिनों में राप्ती नदी के जलस्तर का थाह लेने वाले पहुंचते थे। राप्ती नदी का जलस्तर हर साल की तरह इस साल भी बढ़ेगा और स्वजन को आखिरी विदाई देने वाले भी पहुंचेंगे लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदला दिखेगा।

पानी बढ़ा तो नहीं भटकना पड़ेगा

राप्ती नदी में बारिश के दिनों में पानी बढऩे पर स्वजन को आखिरी विदाई देने पहुंचे लोग घंटों परेशान रहते थे। कई बार तो दूसरी जगह पर भी जाना पड़ता था। वजह थी कि पुराने पुल के पास जगह काफी कम होना। अब यह समस्या भी गुजरे दिनों की बात हो गई है।

छठ पूजा में नहीं होगी दिक्कत

तीन घाट बन जाने से इस बार से छठ पूजा में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। महिलाओं के लिए चेंज रूम बनने से उन्हें शर्मिंदगी भी नहीं झेलनी पड़ेगी।

कल-कल की आवाज के बीच व्यायाम

राप्ती की कल-कल की आवाज के बीच शरीर को स्वस्थ रखने का संकल्प लेने वालों को तीनों घाटों पर खुली हवा मिलेगी। इलाहीबाग से आने वाले नाले का पानी अब पुराने पुल के पास जाने से घाट पर हमेशा पानी साफ रहेगा।

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