एक्सप्रेस वे पर हादसे में खत्म हुआ परिवार, जानिए पूरा मामला

VON NEWS: आगरा-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर मंगलवार रात हुए हादसे में जान गंवाने वाले मनोज गर्ग अपने परिवार के साथ मथुरा-वृंदावन जाते रहते थे। इस बार परिवार घर नहीं लौट पाया। मनोज हरियाणा के सफीदों की पुरानी अनाज मंडी के रहने वाले थे। पोल्ट्री फीड मिल कारोबारी 45 वर्षीय मनोज आनुवांशिक बीमारी के कारण दृष्टि खो चुके थे। यमुना एक्सप्रेस वे के माइल स्टोन 68 के पास थाना नौहझील इलाके में हुए हादसे में उनका पूरा परिवार ही खत्म हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हादसे में मनोज की पत्नी और उनके दो बेटों की भी मौत हो गई है। पूरा परिवार खत्म होने की जानकारी फैलते ही पूरा सफीदों शोक में डूब गया। मनोज के घर लोगों का तांता लग गया। मनोज गर्ग सफीदों के प्रमुख समाजसेवी व हैचरी व्यवसाय से जुड़े शिवचरण गर्ग के छोटे भाई थे।

परिजनों के अनुसार, मनोज अपने परिवार के साथ मथुरा-वृंदावन जाता रहता था। इस बार भी इनोवा गाड़ी  लेकर गया था। सुबह परिवार के लोगों को हादसे की सूचना मिली। गाड़ी में मनोज (45), उनकी पत्नी बबिता (40), 18 साल का बेटा अभय और 16 साल का हेमंत था। हादसे में मनोज के साले के दो बच्चों तनु (11) पुत्र मुकेश मित्तल और हिमादरी (14) की भी जान चली गई। इसके अलावा चालक राकेश की भी मौत हो गई है।

जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब नोएडा की तरफ से आ रहा टैंकर ड्राइवर साइड का टायर फटने से बेकाबू होकर दूसरी तरफ सड़क पर पलट गया, जिसके बाद आगरा की तरफ से आ रही इनोवा से उसकी टक्कर हो गई।  इनोवा को काटकर फंसे शवों को नौहझील पुलिस और एक्सप्रेस-वे कर्मियों ने निकाला।
 

 

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