उत्तराखंड में वाहनों की आयु सीमा पर 18 दिसंबर को होगा फैसला
VON NEWS: उत्तराखंड में चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों की आयु सीमा पर 18 दिसंबर को फैसला होगा। हाईकोर्ट की ओर से आयु सीमा को लेकर आदेश के तहत यह फैसला राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में लिया जाएगा। वहीं, पड़ोसी राज्यों में टैक्सी के संचालन को लेकर भी कुछ राहत मिलने जा रही है।
हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत राज्य को वाहनों की आयु सीमा निर्धारित करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केवल केंद्र को है। आयु सीमा को लेकर कई आदेश पूर्व में राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के मद्देनजर एसटीए की बैठक में वाहनों की आयु सीमा को लेकर फैसला लिया जाएगा। आयु सीमा को लेकर होने वाली फैसले से प्रदेश के करीब सवाल लाख व्यावसायिक वाहन मालिकों पर असर पड़ेगा।
एसटीए की बैठक में देहरादून में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों का किराया तय किया जाएगा। देहरादून में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पहली इलेक्ट्रिक बस आ चुकी है। 30 बसों का संचालन दून सिटी में होना है। उप परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि एसटीए की बैठक के लिए हाईकोर्ट के आदेश के अनुक्रम में व्यावसायिक वाहनों की आयु सीमा के साथ ही पड़ोसी राज्यों के परिवहन करार से संबंधित फैसले लिए जाएंगे।
यूपी-हिमाचल में टैक्सी संचालन पर आ सकता है फैसला
एसटीए की बैठक में यूपी और हिमाचल में टैक्सी संचालन को लेकर भी अहम फैसला हो सकता है। दरअसल, अभी तक अन्य राज्यों के टैक्सी संचालन के लिए केवल ऑल इंडिया परमिट का प्रावधान है। उत्तराखंड का यूपी और हिमाचल के साथ परिवहन करार है। इसी करार के तहत तीनों राज्यों के बीच टैक्सी संचालन के परमिट को लेकर अहम फैसला हो सकता है।
स्कूली बसों के लिए भी बनेगा नियम
अभी तक उत्तराखंड की सीमाओं से जुड़े इलाकों में स्कूल बसों के संचालन को लेकर भी कोई नियम नहीं है। जो जिले सीमावर्ती हैं, वहां दूसरे राज्यों की स्कूल बसें आने में परेशानी होती है। लिहाजा, इस दिशा में भी अहम फैसला हो सकता है। इससे स्कूल बस संचालकों को राहत मिलेगी।