सर्दी में उत्तरा, वनराजा और कड़कनाथ की बढ़ी डिमांड, जानें- वजह

विकासनगर(देहरादून),VON NEWS: पंतनगर विवि की ओर से विकसित मुर्गे की प्रजाति उत्तरा के साथ ही कड़कनाथ और वनराजा को सर्दी के मौसम में शौकीन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अंडे और मीट के लिहाज से दोनों प्रजातियों के कुक्कुट की डिमांड बढ़ी है। कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. एके सिंह बताते हैं कि कैरी देवेंद्रा और वनराजा प्रजाति का वजन जल्दी बढ़ता है, इसलिए यह काफी पसंद किया जा रहा है।

पंतनगर विश्वविद्यालय से राज्य की पहली विकसित प्रजाति उत्तरा पूरे शरीर पर पंख के कारण ठंडे इलाकों में आसानी से रह पा रही है, जिससे कुक्कुट पालकों को भी फायदा हो रहा है। केंद्र सरकार की संस्था नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेरिक रिसोर्सेज की ओर से उत्तरा प्रजाति को कुक्कुट प्रजाति में 18 वे नंबर पर स्थान दिया गया है।

उत्तराखंड की पहली प्रजाति उत्तरा की डिमांड भी खूब बढ़ी है। दरअसल, छह सप्ताह में उत्तरा के शरीर का वजन 1400 ग्राम पहुंच जाता है। इसके अलावा वनराजा प्रजाति के कुक्कुट 60 दिन में ढाई किलो तक हो जाते हैं। इस प्रजाति में बीमारियां भी नहीं लगती, इसलिए कुक्कुट पालक इसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के विज्ञानी डॉ. एके सिंह का कहना है कि केंद्र में उत्तरा प्रजाति पर क्षेत्रीय जलवायु के नतीजे सराहनीय है। केंद्र में शोध पूरा होते ही मांग पर किसानों को यह प्रजाति उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी में उत्तराखंड की प्रजाति उत्तरा, कड़कनाथ, आस्ट्रोलाप और आरआइआर प्रजातियों के कुक्कुट पर जलवायु का प्रभाव देखने के लिए शोध किया गया।

विज्ञानी डॉ. सिंह ने बताया कि वर्तमान में कड़कनाथ व उत्तरा की ही मांग है। मीट व अंडे के प्रति शौकीनों का रूझान बढ़ने का असर साफ नजर आ रहा है। बताया कि झारखंड की कड़कनाथ प्रजाति की खासियत यह है कि कुक्कुट का रंग भी काला है और अंडे भी काले रंग के होते हैं। साथ ही मीट स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा माना जाता है। वर्तमान में उत्तरा, कड़कनाथ व वनराजा प्रजातियों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है।

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