पहाड़ों पर गाड़ी चलाने से पहले जान लें ये बातें, पढ़िए पूरी खबर
नई दिल्ली,VON NEWS: सर्दियों के मौसम में अक्सर लोग हिल स्टेशंस पर जाना पसंद करते हैं। क्योंकि सर्दियों के मौसम में पहाड़ों पर बर्फ की वजह से उनकी खूबसूरती और बड़ जाती है। इन दिनों सैलानियों को ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का आनंद मिलता है। कई लोग हिल स्टेशन अपनी कार ड्राइव कर के जाते हैं। लेकिन समतल सड़क और पहाड़ पर गाड़ी चलाने का अनुभव बिलकुल अलग होता है,
1. ब्रेक और गियर का सही वक्त पर इस्तेमाल: ऐसा नहीं है कि पहाड़ी इलाकों में कार चलाने के लिए एक खास ट्रेनिंग की आवश्यकता है। लेकिन यह भी सही बात है कि पहाड़ पर एक छोटी सी गलती आपको बड़े जोखिम में डाल सकती है। इसलिए ड्राइविंग के वक्त आपको गियर और ब्रेक के इस्तेमाल की सही जानकारी होना आवश्यक है।
पहाड़ी इलाके के रास्ते खड़े ढलान और खतरनाक मोड़ो से भरे होते है। इसीलिए खड़ी ढलान पर चढ़ते या नीचे उतरते समय ब्रेक का उपयोग कम करें और दूसरे या तीसरे गियर का इस्तेमाल करें। ढलान से उतरते वक्त कभी-भी एक दम से ब्रेक न लगाएं ऐसा करने से पीछे वाली गाड़ी आपकी कार को टक्कर मार सकती है और दुर्घटना घच सकती है।
2. चढ़ते वक्त ओवरटेकिंग से बचें: पहाड़ों पर कार चलाते वक्त कई बातों का ध्यान ड्राइवर को रखना चाहिए। जिनमें से एक पहाड़ पर चढ़ते वक्त ओवरटेकिंग है। वाहन चालक को कार ढलान पर चढ़ाते वक्त मुश्किल घुमावदार मोड़ पर सामने से आने वाली कार का अंदाज़ा नहीं हो पाता है। ऐसे में खतरनाक मोड़ों पर दुर्घटना की संभानाएं बढ़ जाती हैं। क्योंकि ढलान से उतरती कारों की गति स्वभाविक ही ज्यादा होती है और दोनों तरफ से कंट्रोल खोने की वजह से कार दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं।
3.बर्फ से ढकी सड़क पर चलना: हिल स्टेशंस पर विंटर के सीजन में चारों तरफ बर्फ देखने में जितनी खूबसूरत लगती हैं उन पर से निकलना उतना ही मुश्किल होता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर ड्राइविंग करते समय कार की गति को कम रखना चाहिए और अपने से आगे चलने वाले वाहन से एक एक नियमित दूरी बनाकर ड्राइव करें। लेकिन हमारी राय यह रहेगी कि अगर जरूरी न हो, तो जिन रास्तों पर बर्फ पड़ी हो उनसे न ही निकलें। क्योंकि बर्फ की चादर वाली सड़कों पर ब्रेक लगाना भी खतरे से खाली नहीं होता है।