सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन उप निरीक्षकों का विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न, क्रैश इन्वेस्टिगेशन पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
देहरादून, 10 जुलाई। परिवहन आयुक्त कार्यालय, देहरादून में शुक्रवार को परिवहन उप निरीक्षकों के लिए सड़क सुरक्षा एवं क्रैश इन्वेस्टिगेशन विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों को जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना तथा दुर्घटनाओं की वैज्ञानिक जांच की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना रहा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में परिवहन विभाग के सहायक निदेशक (सड़क सुरक्षा) नरेश संगल एवं जेपीआरआई के सुमित ढुल ने प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा के विभिन्न आयामों, मोटरयान चालन विनियमन-2017 के प्रावधानों, भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित पीएम-राहत योजना, गुड समेरिटन योजना, हिट एंड रन प्रकरणों, दुर्घटना राहत निधि तथा दुर्घटना के बाद वाहनों की तकनीकी जांच एवं क्रैश इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रियाओं पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा, उप परिवहन आयुक्त दिनेश चन्द पठोई, उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी, उप परिवहन आयुक्त सुनील शर्मा, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी, लीड एजेंसी के अधिकारी, मुख्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2022-23 में बाइक स्क्वॉड का गठन किया गया था। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान इन स्क्वॉडों ने 2,44,524 वाहनों के चालान किए, जिसके परिणामस्वरूप विभाग ने लगभग 9.12 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूल किया।

अधिकारियों ने कहा कि प्रभावी प्रवर्तन, जागरूकता और प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में विभाग लगातार कार्य कर रहा है।