SIDCUL निवेश पोर्टल पर बड़ा तकनीकी संकट! आवेदन प्रक्रिया बाधित, वेबसाइट सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
कही कोई खेल तो नहीं ?
SIDCUL निवेश पोर्टल पर बड़ा तकनीकी संकट! आवेदन प्रक्रिया बाधित, वेबसाइट सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
देहरादून | 19 जुलाई 2026
उत्तराखंड सरकार के Invest Uttarakhand – Single Window Clearance System के माध्यम से SIDCUL में औद्योगिक भूखंड एवं बिल्डिंग स्पेस आवंटन के लिए आवेदन करने वाले निवेशकों को गंभीर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतों के अनुसार, निवेशक जब Invest Uttarakhand पोर्टल पर लॉगिन करते हैं और Building Space Allotment विकल्प चुनते हैं, तो आगे बढ़ने पर वेबसाइट “This Connection is Not Private” अथवा “Site Not Secure” जैसी सुरक्षा चेतावनी प्रदर्शित करती है। इसके बाद कुछ मामलों में संबंधित लिंक अपेक्षित SIDCUL पोर्टल के स्थान पर एक चीनी भाषा (Chinese language) वाले वेबपेज की ओर खुलता दिखाई देता है।



![]()





यदि यह स्थिति वास्तविक रूप से व्यापक स्तर पर सामने आ रही है, तो इससे दो गंभीर आशंकाएँ उत्पन्न होती हैं—
- पोर्टल या उससे जुड़े लिंक में गंभीर तकनीकी त्रुटि अथवा कॉन्फ़िगरेशन की समस्या है; या
- SIDCUL की वेबसाइट अथवा उससे संबंधित किसी वेब संसाधन की सुरक्षा से समझौता (हैकिंग/अनधिकृत हस्तक्षेप) हुआ हो सकता है।
हालांकि, इन संभावनाओं की पुष्टि संबंधित विभाग की तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल्डिंग स्पेस आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित बताई जा रही है। यदि पोर्टल तकनीकी कारणों से सही प्रकार कार्य नहीं कर रहा है, तो अनेक इच्छुक उद्योगपति एवं निवेशक समय पर आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं।
उद्योग जगत का कहना है कि सरकार को तत्काल उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि समस्या का वास्तविक कारण क्या है। यदि पोर्टल में तकनीकी खराबी या सुरक्षा संबंधी समस्या पाई जाती है, तो दोषियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निवेशकों के हित में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर मिल सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की आशंका समाप्त हो।
Voice of Nation इस मामले में SIDCUL, Invest Uttarakhand तथा राज्य सरकार के आधिकारिक पक्ष की भी प्रतीक्षा करेगा। यदि संबंधित विभाग इस विषय पर कोई स्पष्टीकरण जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.