कतर के पूर्व अमीर के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक का ऐलान, 13 जुलाई को आधा झुका रहेगा तिरंगा
कतर के पूर्व अमीर के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक का ऐलान, 13 जुलाई को आधा झुका रहेगा तिरंगा
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई 2026 को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। पीएम मोदी ने उन्हें दूरदर्शी नेता और भारत का सच्चा मित्र बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
दिल्ली: कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन के लिए राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह निर्णय दिवंगत नेता के प्रति सम्मान प्रकट करने करने के लिए लिया गया है। वहीं पीएम मोदी ने पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

राष्ट्रीय शोक के दिन पूरे देश में उन सभी सरकारी और सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहां नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है। साथ ही इस दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘हम (भारत) कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था।
अपने 18 वर्षों के शासनकाल (1995–2013) के दौरान उन्होंने कतर के विशाल प्राकृतिक गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की। इसके परिणामस्वरूप कतर प्रति व्यक्ति आय के आधार पर दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हो गया। साथ ही, उन्होंने कतर की विदेश नीति को भी अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाया, जिससे देश की वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक पहचान मजबूत हुई।
शेख हमद के शासनकाल की उपलब्धियां
उनके शासनकाल के दौरान कतर में 2006 एशियाई खेलों का आयोजन, 2012 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की मेजबानी, दोहा समझौता, फतह–हमास दोहा समझौता और 2022 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार कतर को मिला।
जून 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा (गद्दी त्याग) देकर सत्ता अपने चौथे पुत्र, शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं।