दिल्ली-NCR से मसूरी का सफर होगा बेहद आसान, 30 मिनट में देहरादून से मसूरी पहुंचाने की तैयारी
42 किलोमीटर का नया Dehradun–Mussoorie Highway
Voice of Nation | Dehradun | 20.09.2026 | By VON Bureau | 6:45 PM IST
उत्तराखंड की पर्यटन नगरी मसूरी जाने वाले यात्रियों के लिए सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाद अब देहरादून और मसूरी के बीच प्रस्तावित नया हाईवे पहाड़ों के सफर को और तेज तथा सुविधाजनक बना सकता है।
प्रस्तावित परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून से मसूरी पहुंचने में करीब 30 मिनट लगने का अनुमान है। इसका सीधा फायदा दिल्ली-NCR से आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगा और दिल्ली से मसूरी की यात्रा लगभग चार घंटे के दायरे में आ सकती है।

42 किलोमीटर का नया Dehradun–Mussoorie Highway
रिपोर्ट्स के अनुसार, देहरादून और मसूरी को जोड़ने के लिए लगभग 42 किलोमीटर लंबा नया हाईवे प्रस्तावित है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹3,500 करोड़ बताई गई है।
यह मार्ग देहरादून के झाझरा (Jhajhra) क्षेत्र से शुरू होकर मसूरी के गांधी चौक तक पहुंचने की योजना है।
वर्तमान देहरादून-मसूरी मार्ग पर पर्यटन सीजन, वीकेंड और छुट्टियों के दौरान भारी यातायात देखने को मिलता है। नया मार्ग मौजूदा सड़क पर दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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पहाड़ों के भीतर बनेंगी दो महत्वपूर्ण सुरंगें
इस परियोजना की सबसे अहम विशेषताओं में प्रस्तावित सुरंगें शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 2.9 किलोमीटर लंबी एक सुरंग George Everest क्षेत्र के नीचे प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त लगभग 2 किलोमीटर लंबी दूसरी सुरंग भी योजना का हिस्सा है।
इन सुरंगों का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र के तीखे मोड़ों और कठिन हिस्सों से बचते हुए यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
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दिल्ली से देहरादून पहले ही हुआ काफी करीब
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने राष्ट्रीय राजधानी और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क में बड़ा बदलाव किया है। लगभग 210-213 किलोमीटर के इस कॉरिडोर से दिल्ली से देहरादून की यात्रा करीब 2.5 घंटे में पूरी होने का अनुमान है।
ऐसे में देहरादून से मसूरी की अगली यात्रा भी करीब आधे घंटे तक सीमित हो जाती है तो दिल्ली-NCR से मसूरी लगभग 3.5 से 4 घंटे में पहुंचना संभव हो सकता है।
Dehradun का ट्रैफिक भी होगा बायपास
इसके साथ ही देहरादून में लगभग ₹716 करोड़ की लागत से 12 किलोमीटर लंबा चार-लेन ग्रीनफील्ड बायपास भी बनाया जा रहा है।
यह मार्ग झाझरा से शुरू होकर NH-7 के Paonta Sahib–Ballupur सेक्शन को जोड़ेगा और आगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी देगा।
इसका उद्देश्य दिल्ली की ओर से आने वाले उन वाहनों को देहरादून शहर के व्यस्त हिस्सों में प्रवेश किए बिना आगे भेजना है, जिन्हें विकासनगर, सेलाकुई, हरबर्टपुर या पांवटा साहिब की ओर जाना है।
इस बायपास को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है
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पर्यटन को मिल सकता है बड़ा फायदा
मसूरी उत्तर भारत के सबसे व्यस्त पर्यटन स्थलों में शामिल है। गर्मियों, बर्फबारी और लंबे वीकेंड के दौरान देहरादून-मसूरी मार्ग पर कई बार लंबा जाम लग जाता है।
नई सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर दिल्ली-NCR से आने वाले पर्यटकों के लिए मसूरी वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में और अधिक सुलभ हो सकती है।
इसके साथ ही देहरादून शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होने और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
हालांकि चार घंटे और 30 मिनट जैसे यात्रा समय परियोजनाओं के पूरा होने के बाद के अनुमान हैं। वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, मौसम और सड़क की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मसूरी जाने वाले पर्यटकों को कैसे मिलेगा फायदा?
Dehradun Mussoorie New Highway का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है, जो दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से सड़क मार्ग के जरिए मसूरी पहुंचते हैं। अभी पर्यटकों को देहरादून से मसूरी जाने के लिए पहाड़ी मार्ग पर ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। पर्यटन सीजन और लंबे वीकेंड पर यह समस्या और बढ़ जाती है।
नई सड़क और प्रस्तावित सुरंगों के बनने से यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा मौजूदा देहरादून-मसूरी रोड पर वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है। यदि प्रस्तावित नेटवर्क योजना के अनुसार विकसित होता है तो यात्रियों को देहरादून शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से गुजरने की जरूरत भी कम हो सकती है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया नेटवर्क
इस परियोजना का महत्व दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के कारण और बढ़ जाता है। दिल्ली और देहरादून के बीच बेहतर सड़क संपर्क तैयार होने के बाद अगली बड़ी चुनौती मसूरी तक तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
प्रस्तावित Dehradun Mussoorie New Highway इसी नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। दिल्ली से आने वाले वाहन पहले तेजी से देहरादून पहुंच सकेंगे और वहां से नया मार्ग उन्हें मसूरी की ओर ले जा सकेगा।
इस प्रकार दिल्ली, देहरादून और मसूरी के बीच एक तेज सड़क कॉरिडोर विकसित होने की संभावना है। इससे केवल पर्यटकों को ही नहीं, बल्कि होटल, टैक्सी, पर्यटन और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों को भी फायदा हो सकता है।
वीकेंड पर मसूरी के जाम से मिल सकती है राहत
मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती रहता है। शुक्रवार शाम से रविवार तक बड़ी संख्या में पर्यटक दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों से उत्तराखंड पहुंचते हैं।
गर्मियों की छुट्टियों, नए साल और बर्फबारी के दौरान वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे समय में देहरादून-मसूरी रोड पर यात्रा का समय सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ सकता है।
नया वैकल्पिक हाईवे तैयार होने पर वाहनों को अलग-अलग मार्गों पर बांटने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका वास्तविक असर परियोजना पूरी होने और ट्रैफिक व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नजर
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर मसूरी तक सीमित नहीं रहेगा। देहरादून और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
कम यात्रा समय के कारण दिल्ली-NCR के यात्रियों के लिए मसूरी छोटी छुट्टी या वीकेंड ट्रिप के रूप में और अधिक सुलभ हो सकती है। इससे होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, स्थानीय बाजार और परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
इसके साथ ही स्थानीय रोजगार और पर्यटन आधारित कारोबार के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावना भी रहेगी।
कब तक पूरा होगा Dehradun Mussoorie New Highway?
यह ध्यान रखना जरूरी है कि नया 42 किलोमीटर Dehradun Mussoorie Highway अभी प्रस्तावित परियोजना है। इसलिए इसके निर्माण और पूर्ण होने की अंतिम समय-सीमा संबंधित सरकारी मंजूरियों, निर्माण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।
दूसरी ओर, लगभग 12 किलोमीटर लंबे देहरादून बायपास को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रिपोर्ट किया गया है।
परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ही वास्तविक यात्रा समय का सटीक आकलन हो सकेगा। मौसम, ट्रैफिक और पहाड़ी सड़क की परिस्थितियां भी यात्रा के समय को प्रभावित करेंगी।
फिर भी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, देहरादून बायपास और प्रस्तावित देहरादून-मसूरी हाईवे को एक साथ देखें तो उत्तराखंड की सड़क कनेक्टिविटी में आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव दिखाई दे सकता है।
Voice of Nation इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े सरकारी फैसलों, निर्माण की प्रगति और नई समय-सीमा पर नजर बनाए रखेगा।