तेवर में हजारों साल पहले राजाओं ने बसाया था शहर, पढ़े पूरा मामला
VON NEWS: हजारों साल पहले मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाया व खाया जाता था। पक्की ईंटों के मकान व पत्थरों में नक्काशी कर मंदिर बनाए जाते थे। इस बात की गवाही दे रहा है जिले का ऐतिहासिक तेवर क्षेत्र, जहां हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता के प्रमाण ढूंढने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने डेरा डाल दिया है। पुरातात्विक उत्खनन शिविर लगाकर जमीन की खोदाई की जा रही है। जहां सातवीं-आठवीं से 10वीं-11वीं शताब्दी में मनुष्यों की बसाहट के प्रमाण मिल रहे हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों का अनुमान है कि मध्य पाषाण काल से लेकर 12वीं व 14वीं शताब्दी तक की बसाहट के प्रमाण खोदाई में मिल सकते हैं। विभिन्न काल की संरचना का पता लगाने के लिए तेवर में दो जगह शिविर लगाए गए हैं। 20 किलोमीटर के दायरे में बसे 22 गांवों में सर्वे किया जा रहा है। शिविर प्रभारी महेंद्र पाल, रितेश सिंह की देखरेख में जमीन की खोदाई की जा रही है। अब तक किए गए सर्वे में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि तेवर क्षेत्र में अलग-अलग काल में राजाओं ने खूबसूरत शहर बसाया था।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यहां पानी का बेहतर स्नोत रहा होगा इसलिए अलग-अलग काल में तेवर क्षेत्र में तत्कालीन राजाओं ने शहर बसाया था। जिस स्थान पर जमीन की खोदाई की जा रही है उसके करीब नदी रही होगी जो वर्तमान में सूख चुकी है। शहर बसाने के लिए जल स्नोत, उपजाऊ जमीन की आवश्यकता होती थी। बनावट देखकर लगता है कि यहां सब चीजें सहज उपलब्ध रही होंगी, तभी शहर बसाया गया होगा।