कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: सुरजेवाला संभालेंगे गुजरात,सचिन पायलट को पंजाब, भूपेश बघेल को असम की कमान;

 

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026 | Voice of Nation | 9:21 IST

कांग्रेस ने शनिवार को संगठन में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी बदल दिए हैं। पार्टी अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

सबसे अहम बदलाव में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का AICC महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है। पंजाब में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों को लेकर पार्टी नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। बघेल इससे पहले पंजाब की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। असम में कांग्रेस की संगठनात्मक और चुनावी रणनीति के लिहाज से उनकी नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही वह कर्नाटक के प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।

पार्टी ने इसके अलावा सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरिवेला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है।

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कांग्रेस ने निवर्तमान महासचिव/प्रभारियों जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और मणिकम टैगोर के योगदान की सराहना भी की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि मुकुल वासनिक AICC महासचिव के पद पर बने रहेंगे।

पंजाब में पायलट की नियुक्ति पर सबसे ज्यादा नजर

इस फेरबदल में राजनीतिक रूप से सबसे अधिक चर्चा सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दिए जाने की है। यह फैसला पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति पर चर्चा की थी। ऐसे में पायलट की नियुक्ति को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन में संतुलन और समन्वय स्थापित करने की कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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कुल मिलाकर कांग्रेस का यह फेरबदल पंजाब, गुजरात और असम जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।

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