मनोज सिन्हा अमेरिका दौरे पर, जस्टिस भाटी की शपथ से पहले विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर का अतिरिक्त प्रभार

9 सितंबर को जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की शपथ

 

नई दिल्ली/श्रीनगर, 8 सितंबर 2026 | Voice of Nation | 9:50 IST

जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल के प्रभार को लेकर मंगलवार शाम सामने आए घटनाक्रम के बाद स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट दिखाई दे रही है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा फिलहाल अमेरिका के दौरे पर हैं, और उनकी अनुपस्थिति के दौरान राष्ट्रपति ने लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के कार्यों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह व्यवस्था मनोज सिन्हा की “absence, on leave” यानी अवकाश के दौरान अनुपस्थिति तक के लिए है। इसलिए इसे फिलहाल मनोज सिन्हा को पद से हटाने या उनके स्थायी विकल्प की नियुक्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अमेरिका में हैं मनोज सिन्हा

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मनोज सिन्हा इस समय अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं। हाल ही में उन्होंने शिकागो में आयोजित IIT (BHU) Global Alumni Meet को भी संबोधित किया था।

ऐसे में उनकी जम्मू-कश्मीर से अनुपस्थिति और इसी बीच एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रम निर्धारित होने के कारण अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।

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इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ है।

जस्टिस भाटी का शपथ ग्रहण 9 सितंबर को श्रीनगर में निर्धारित है। पहले सामने आए कार्यक्रम के अनुसार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को नए मुख्य न्यायाधीश को शपथ दिलानी थी।

लेकिन मनोज सिन्हा के विदेश में होने के कारण अब अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे विनय कुमार सक्सेना के शपथ दिलाने की संभावना/व्यवस्था सामने आई है।

क्या शपथ समारोह के कारण दिया गया अतिरिक्त प्रभार?

राष्ट्रपति सचिवालय ने अपने आदेश में यह नहीं कहा है कि विनय कुमार सक्सेना को अतिरिक्त प्रभार विशेष रूप से जस्टिस भाटी के शपथ समारोह के कारण दिया गया है।

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हालांकि घटनाक्रम की टाइमिंग महत्वपूर्ण है। एक ओर मनोज सिन्हा अमेरिका में हैं और दूसरी ओर 9 सितंबर को नए मुख्य न्यायाधीश का शपथ ग्रहण होना है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल के संवैधानिक कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था को एक प्रशासनिक आवश्यकता के रूप में देखा जा सकता है।

इसलिए फिलहाल सबसे तथ्यपरक निष्कर्ष यही है कि मनोज सिन्हा की विदेश यात्रा के दौरान विनय कुमार सक्सेना को अस्थायी रूप से जिम्मेदारी दी गई है और इसी अवधि में वह नए मुख्य न्यायाधीश से जुड़े संवैधानिक दायित्व भी निभा सकेंगे।

मनोज सिन्हा को हटाने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं

राष्ट्रपति सचिवालय की भाषा इस मामले में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आदेश में मनोज सिन्हा की जगह किसी नए स्थायी उपराज्यपाल की नियुक्ति की घोषणा नहीं की गई है।

इसके विपरीत, विनय कुमार सक्सेना को अपने मौजूदा दायित्वों के अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर के LG के functions संभालने को कहा गया है और इसे मनोज सिन्हा की छुट्टी के दौरान की व्यवस्था बताया गया है।

इसलिए सोशल मीडिया या राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को किसी बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाए तो फिलहाल उसके समर्थन में कोई आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है।

जस्टिस भाटी की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण

राजस्थान हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनका शपथ ग्रहण न्यायपालिका और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रम है।

ऐसे में मनोज सिन्हा की विदेश में अनुपस्थिति के दौरान LG पद के कार्यों के लिए औपचारिक व्यवस्था होना प्रशासनिक दृष्टि से स्वाभाविक माना जा सकता है।

फिलहाल निगाह इस बात पर रहेगी कि मनोज सिन्हा अमेरिका दौरे से कब लौटते हैं और कब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में अपने नियमित दायित्व दोबारा संभालते हैं।

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