यूपी सरकार का बड़ा फैसला, कंटेनमेंट जोन में घर है और ट्रेन से पहुंचे हैं तो नहीं मिलेगा प्रवेश
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने मंगलवार को साफ किया कि जो भी लोग ट्रेनों से अपने घर वापसी कर रहे हैं, उन्हें कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) में प्रवेश नहीं मिलेगा. प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी (Awanish Kumar Awasthi) ने कहा है कि ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन में 14 दिन का समय गुजारना होगा. अवनीश अवस्थी ने साथ ही कहा कि वहीं ऐसे लोग जो राज्य में हफ्ते भर से कम समय तक रहे और दूसरे राज्यों में वापसी कर रहे हैं, उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने बताया कि सीएम ने आदेश दिया है कि रेलवे स्टेशन पर पैम्प्लेट बांटा जाए. इस पैम्प्लेट को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रेलवे के अफसरों को उपलब्ध करा दिया गया है. इस पैम्पलेट के अनुसार…
– जो लोग ट्रेनों से लौट रहे हैं, उन्हें कंटेनमेंट जोन में जाने की अनुमति नहीं होगी. यात्री 14 दिन होम क्वारंटाइन में रहेगा.
– जो उत्तर प्रदेश में 7 दिन से कम रहेंगे और वापस लौट जाएंगे. उन्हें होम क्वारंटाइन में नहीं भेजा जाएगा.
– आवास में होम क्वारंटाइन की सुविधा पर्याप्त हो, शौचालय अलग हो. अगर ऐसी व्यवस्था नहीं है तो उसे इंस्टीट्यृशनलक्वारंटाइन में आना चाहिए.
– यदि आगंतुक को आवासीय परिसर की बजाए, अन्य स्थान पर रहना है तो वह स्थानीय प्रशासन को सूचना जरूर देगा. जिससे वहां सैनेटाइजेशन आदि हो सके.
– जहां भी एक सप्ताह के लिए कोई व्यक्ति आता है तो वापसी पर जिला प्रशासन को सूचना देगा. अगर उसे खांसी, बुखार आदि का लक्षण है तो वह हेल्पलाइन पर फोन करे.
– सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जरूरी है.
निराश्रितों को 1000 रुपये देने की व्यवस्था, आदेश जल्द
अवनीश अवस्थी ने बताया कि सीएम ने निर्देश दिया है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के निराश्रितों को अगर कोई सहायता नहीं मिली है, तो उनके खाते में 1000 रुपये दिए जाएंगे. उनकी चिकित्सकीय सुविधा के लिए 2000 रुपये तक दिया जाएगा. वहीं लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए 5000 रुपये दिया जाएगा. इस पर आदेश हो गया है.
उन्होंने कहा कि सीएम ने निर्देश दिए हैं कंटेनमेंट जोन की डोरस्टेप डिलीवरी को मजबूत किया जाए. अनलॉक के दौरान इस पर विशेष ध्यान देने की बात ही है.