Samsung-LG के OLED TV Imports पर DRI की बड़ी जांच: 5% या 15% Customs Duty? जानिए पूरा मामला

LG से मांगे गए जवाब, Voluntary Deposit की भी रिपोर्ट

लेखक: Manish Verma | Voice of Nation
प्रकाशित: 23 सितंबर 2026 | समय: 3:47 PM IST
स्थान: नई दिल्ली

भारत में Samsung और LG के OLED TV कारोबार से जुड़ा एक बड़ा customs duty मामला सामने आया है। Directorate of Revenue Intelligence यानी DRI दोनों कंपनियों के imported OLED TV display parts की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य मुद्दा OLED televisions में इस्तेमाल होने वाले “open cell” display components पर लगने वाली customs duty है।

अधिकारियों का मानना है कि इन OLED components पर 15 प्रतिशत customs duty लागू होनी चाहिए थी। दूसरी ओर, कंपनियों ने इन imports पर 5 प्रतिशत concessional tariff का लाभ लिया है।

हालांकि, अभी जांच जारी है। Samsung या LG के खिलाफ किसी अंतिम tax liability अथवा wrongdoing का निर्धारण नहीं हुआ है।

Samsung-LG DRI Investigation में 5% और 15% Duty का क्या विवाद है?

पूरे मामले की जड़ OLED televisions में इस्तेमाल होने वाली imported glass screens हैं, जिन्हें industry में “open cells” कहा जाता है।

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Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों का आरोप है कि Samsung और LG ने इन OLED open cells के imports पर 5 प्रतिशत concessional customs duty का दावा किया।

अधिकारियों का कहना है कि यह concessional rate पुराने LCD और LED display components के लिए उपलब्ध है।

वहीं DRI का मानना है कि OLED components इस concessional category में नहीं आते। इसलिए उन पर 15 प्रतिशत customs duty लागू होनी चाहिए थी।

यही 5 प्रतिशत बनाम 15 प्रतिशत का अंतर अब पूरी DRI investigation के केंद्र में है।

Samsung LG DRI Investigation OLED TV Customs Duty India
Samsung और LG के OLED TV display parts के imports पर DRI जांच; 5% और 15% customs duty classification को लेकर विवाद।

Samsung के Gurugram Headquarters पहुंची DRI

जांच केवल documents की scrutiny तक सीमित नहीं बताई जा रही है।

Reuters के मुताबिक, DRI अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में Samsung के Gurugram स्थित India headquarters का दौरा किया।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अधिकारियों ने Samsung के executives और employees से OLED imports के संबंध में सवाल किए।

Samsung ने Reuters को बताया कि कंपनी मामले की समीक्षा कर रही है और संबंधित authorities के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

कंपनी ने यह भी कहा कि वह सभी applicable laws का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

LG से मांगे गए जवाब, Voluntary Deposit की भी रिपोर्ट

LG Electronics को भारतीय अधिकारियों ने OLED imports को लेकर written queries भेजी थीं।

Reuters के एक सूत्र के अनुसार, LG ने इन सवालों के जवाब जमा कर दिए हैं।

इसके अलावा, कंपनी ने संभावित अतिरिक्त customs duty को ध्यान में रखते हुए एक voluntary monetary deposit भी किया है। हालांकि, deposit की रकम सार्वजनिक नहीं की गई है।

रिपोर्ट प्रकाशित होने तक LG Electronics और DRI ने Reuters के सवालों का जवाब नहीं दिया था।

क्या Samsung और LG पर Customs Duty चोरी साबित हो गई?

नहीं।

इस मामले में यह अंतर समझना बेहद जरूरी है।

फिलहाल DRI जांच कर रही है और customs tariff classification को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग व्याख्या है।

इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि Samsung या LG ने customs duty चोरी की है।

यदि जांच के बाद authorities को लगता है कि duty कम चुकाई गई थी, तो आगे tax demand proceedings शुरू हो सकती हैं।

वहीं कंपनियां ऐसी किसी demand या tariff interpretation को उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती दे सकती हैं।

Samsung और LG का क्या है तर्क?

दोनों कंपनियां अधिकारियों की tariff interpretation का विरोध कर रही हैं।

उनका तर्क है कि OLED technology मूल रूप से LED technology का advanced form है। इसलिए OLED display components को भी वही concessional customs treatment मिलना चाहिए जो eligible LED components को मिलता है।

यानी असली सवाल यह है कि customs classification के लिए OLED को LED technology का advanced version माना जाए या अलग technology category में रखा जाए।

इस सवाल का जवाब संभावित tax liability के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

Industry Associations भी 5% Duty की मांग के पक्ष में

यह मामला केवल Samsung और LG तक सीमित नहीं है।

Consumer Electronics and Appliances Manufacturers Association और Manufacturers’ Association for Information Technology यानी MAIT ने भी OLED components के tariff treatment को लेकर सरकार के सामने मुद्दा उठाया है।

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Reuters द्वारा देखे गए अगस्त के letters में industry groups ने OLED display components को 5 प्रतिशत concessional duty framework में शामिल करने की मांग की।

Industry का कहना है कि advanced OLED technology को समान concession नहीं मिलने से manufacturing input cost बढ़ सकती है।

इसके अलावा, इससे भारत में advanced electronics manufacturing की competitiveness पर भी असर पड़ सकता है।

Make in India से कैसे जुड़ता है OLED Customs Duty विवाद?

OLED TV customs duty dispute का संबंध भारत की electronics manufacturing strategy से भी है।

Industry groups का कहना है कि यदि पुराने LCD technology equipment को tariff concessions मिलते हैं, लेकिन नई OLED technology को समान benefit नहीं मिलता, तो advanced manufacturing plants स्थापित करना अधिक महंगा हो सकता है।

इसलिए यह मामला केवल दो कंपनियों की संभावित customs liability का नहीं है।

इसका असर भविष्य में भारत में OLED और advanced display manufacturing investment पर भी पड़ सकता है।

भारत में Display और TV Parts Imports $5.6 Billion तक पहुंचे

Reuters द्वारा उद्धृत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक समाप्त एक वर्ष में displays और TV parts सहित imports लगभग 15 प्रतिशत बढ़े।

इन imports की कुल value करीब 5.6 billion dollar रही।

यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत का television और display manufacturing sector अभी भी कई महत्वपूर्ण components के लिए imported supplies पर निर्भर है।

इसलिए OLED components पर 5 प्रतिशत और 15 प्रतिशत duty का अंतर manufacturers के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

क्या Samsung और LG के OLED TV महंगे हो सकते हैं?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी।

Samsung या LG ने इस जांच के कारण OLED televisions की retail prices बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की है।

हालांकि, यदि भविष्य में OLED open-cell imports पर 15 प्रतिशत customs duty की interpretation कायम रहती है, तो manufacturers की input cost बढ़ सकती है।

Companies उस अतिरिक्त cost को खुद absorb करेंगी या उसका कुछ हिस्सा consumers तक पहुंचेगा, यह बाद का commercial decision होगा।

इसलिए अभी OLED TV prices बढ़ने को निश्चित परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

DRI Investigation के बाद आगे क्या होगा?

DRI जांच के दौरान import declarations, tariff classification और संबंधित documents की समीक्षा कर सकती है।

यदि जांच में authorities इस निष्कर्ष पर पहुंचती हैं कि applicable customs duty कम चुकाई गई है, तो आगे demand proceedings शुरू हो सकती हैं।

वहीं Samsung और LG को ऐसी किसी demand को कानूनी रूप से challenge करने का अधिकार होगा।

इसलिए अब नजर DRI investigation के निष्कर्ष पर रहेगी।

Voice of Nation Explainer: पूरा विवाद एक लाइन में

Samsung-LG OLED TV मामला मूल रूप से 5 प्रतिशत बनाम 15 प्रतिशत customs duty की classification का विवाद है।

DRI का मानना है कि OLED components concessional tariff category में नहीं आते।

वहीं companies और industry का तर्क है कि OLED, LED technology का advanced form है और उसे समान concessional treatment मिलना चाहिए।

फिलहाल जांच जारी है और कोई अंतिम tax liability तय नहीं हुई है।

यानी अभी सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि भारत में premium OLED TV manufacturing के imported components की customs classification DRI की जांच के केंद्र में है।

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