कांग्रेस में भी शुरू हुआ ‘इंटरव्यू का दौर’: राहुल-प्रियंका ने परखे करीब 130 नेता, राष्ट्रीय सचिवों में बड़े बदलाव की तैयारी

नए चेहरों का इंटरव्यू, पुराने सचिवों से काम का हिसाब

नई दिल्ली | Voice of Nation | 18 सितंबर 2026 | By Manish Verma Chief Editor | 11:00 AM IST

कांग्रेस में संगठनात्मक पद अब केवल राजनीतिक सिफारिश या पुराने अनुभव के आधार पर मिलने के बजाय एक अलग तरह की मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में संभावित फेरबदल से पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय सचिव पद के संभावित दावेदारों से बाकायदा बातचीत और इंटरव्यू किए हैं।

कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव चयन के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा नेताओं के इंटरव्यू और AICC संगठनात्मक फेरबदल
कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिवों के चयन और मौजूदा पदाधिकारियों की समीक्षा के लिए इंटरव्यू का दौर, राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी।

राष्ट्रीय मीडिया की विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक पिछले दिनों करीब 125 से 130 नेताओं को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसके बाद पार्टी के मौजूदा AICC सचिवों के कामकाज की भी समीक्षा की गई।

नए चेहरों का इंटरव्यू, पुराने सचिवों से काम का हिसाब

कांग्रेस की यह कवायद केवल नए नेताओं को चुनने तक सीमित नहीं है।

15 सितंबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मौजूदा 64 AICC सचिवों के साथ भी विस्तृत बातचीत की। India Today की रिपोर्ट के अनुसार सचिवों को चार समूहों में बांटा गया था। उनसे अपने प्रभार वाले राज्यों में किए गए काम से लेकर संगठन की स्थिति और प्रमुख कार्यकर्ताओं तक के बारे में सवाल पूछे गए।

रिपोर्ट के मुताबिक सवालों का दायरा सामान्य राजनीतिक बातचीत से अलग था। सचिवों की संगठनात्मक समझ, संवाद क्षमता, वैचारिक स्पष्टता और अपने प्रभार वाले राज्य की जानकारी को भी परखा गया।

यानी कांग्रेस में पहली प्रक्रिया नए दावेदारों को परखने की रही और दूसरी मौजूदा पदाधिकारियों के performance assessment की।

करीब आधे AICC सचिव बदले जाने की चर्चा

इस पूरी कवायद के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की चर्चा तेज है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मौजूदा AICC सचिवों में से करीब आधे बदले जा सकते हैं। हालांकि कांग्रेस ने अभी उन नेताओं की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है जिन्हें हटाया या नियुक्त किया जाएगा। इसलिए अंतिम संख्या और नामों की पुष्टि नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।

वर्तमान व्यवस्था में AICC सचिव विभिन्न राज्यों में पार्टी प्रभारियों और संगठन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं।

इंटरव्यू में क्या पूछा गया?

इस प्रक्रिया का सबसे दिलचस्प पहलू उम्मीदवारों और मौजूदा सचिवों से पूछे गए सवाल हैं।

रिपोर्टों के अनुसार नेतृत्व यह जानना चाहता था कि नेता ने संगठन के लिए क्या किया, उसे दिए गए प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की कितनी जानकारी है और भविष्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए उसकी क्या योजना है।

मौजूदा सचिवों से अपने प्रदेश के पांच बेहतर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम बताने जैसे सवाल भी पूछे गए।

इससे संकेत मिलता है कि नेतृत्व केवल दिल्ली में राजनीतिक सक्रियता नहीं, बल्कि राज्यों और जमीनी संगठन से पदाधिकारी के वास्तविक संपर्क को भी परख रहा है।

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राजस्थान से भी कई नाम चर्चा में

वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र ओझा की ओर से साझा जानकारी में दावा किया गया है कि राजस्थान कांग्रेस के भी आधा दर्जन से अधिक नेताओं को दिल्ली में इस प्रक्रिया के लिए बुलाया गया।

उनकी जानकारी के अनुसार संभावित नामों में पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, सीताराम लांबा, पवन गोदारा, संगीता बेनीवाल, हेम सिंह शेखावत, दिनेश खोड़निया, कर्ण सिंह और कैप्टन अरविंद जैसे नेता शामिल बताए गए हैं।

हालांकि इन सभी नामों तथा इनमें से किसे राष्ट्रीय सचिव बनाया जाएगा, इसकी कांग्रेस की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इन्हें संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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दिव्या मदेरणा, संजना जाटव और रेहाना रियाज पर भी नजर

राजस्थान से जुड़े मौजूदा राष्ट्रीय सचिवों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है।

ओझा के अनुसार दिव्या मदेरणा, संजना जाटव और रेहाना रियाज के अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में प्रदर्शन को देखते हुए संगठन में बने रहने की संभावना जताई जा रही है। यह फिलहाल सूत्र-आधारित आकलन है; अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की आधिकारिक सूची से स्पष्ट होगा।

कांग्रेस संगठन में नया प्रयोग?

राष्ट्रीय सचिव जैसे राजनीतिक पदों के लिए नेताओं को बुलाकर सवाल-जवाब करना कांग्रेस के संगठनात्मक चयन में दिलचस्प प्रयोग के रूप में सामने आया है।

हरियाणा में भी राष्ट्रीय सचिव पद के दावेदारों को लेकर ऐसी प्रक्रिया की रिपोर्ट सामने आई है। दैनिक जागरण ने 11 सितंबर को हरियाणा के नेताओं में AICC सचिव पद को लेकर सक्रियता और राहुल-प्रियंका द्वारा इंटरव्यू लिए जाने की खबर दी थी।

इसका अर्थ यह है कि यह कवायद किसी एक प्रदेश तक सीमित नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा है।

अब निगाह कांग्रेस की नई सूची पर है। उससे पता चलेगा कि इंटरव्यू और performance review के बाद कितने मौजूदा सचिव बरकरार रहते हैं, कितनों की जिम्मेदारी बदलती है और कितने नए चेहरों को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलती है।

राहुल गांधी का फोकस—सिर्फ पद नहीं, जमीन पर संगठन की पकड़

कांग्रेस में चल रही इंटरव्यू प्रक्रिया को पार्टी की हाल की संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राहुल गांधी अलग-अलग स्तरों पर छात्रों, कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े लोगों के साथ संवाद बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर सितंबर में उनके छात्र संवाद ‘छात्रों की गूंज’ सहित कई कार्यक्रम दर्ज हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस सक्रिय और पूर्व कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। इन गतिविधियों से यह संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व चुनावी राजनीति के साथ जमीनी संगठन और कार्यकर्ताओं से feedback पर भी जोर दे रहा है।

इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सचिव पद के संभावित उम्मीदवारों से केवल राजनीतिक अनुभव नहीं, बल्कि संगठन में किए गए काम, भविष्य की योजना और कमजोर राज्यों में कांग्रेस को मजबूत करने के उपाय भी पूछे गए। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 130 नेताओं के इंटरव्यू के साथ मौजूदा पदाधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है। ऐसे में प्रस्तावित फेरबदल को केवल चेहरों की अदला-बदली के बजाय कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि किन नेताओं को नई जिम्मेदारी मिलेगी, इसका फैसला आधिकारिक नियुक्तियों के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रियंका गांधी भी संगठन की समीक्षा में सक्रिय

प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस संगठनात्मक कवायद में राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ सक्रिय भूमिका में दिखाई दी हैं। राष्ट्रीय सचिव पद के दावेदारों के इंटरव्यू में उनकी भागीदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी संभावित पदाधिकारियों की राजनीतिक समझ के साथ उनकी संगठनात्मक क्षमता और भविष्य की कार्ययोजना को परख रही है। रिपोर्टों के अनुसार मौजूदा 64 AICC सचिवों में बड़े स्तर पर बदलाव की संभावना पर चर्चा है, लेकिन अंतिम सूची अभी घोषित नहीं हुई है।

हाल में कांग्रेस ने राज्यों के संगठन में भी बदलाव किए हैं। पंजाब में सचिन पायलट को नई संगठनात्मक जिम्मेदारी देने जैसे फैसले सामने आए हैं। इन घटनाक्रमों को साथ रखकर देखें तो कांग्रेस नेतृत्व इस समय राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के बीच संगठनात्मक समन्वय को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की इंटरव्यू प्रक्रिया इसी व्यापक संगठनात्मक कवायद का हिस्सा दिखाई देती है।

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