उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट: DGP दीपम सेठ के निर्देश—आतंकवाद, चीन-नेपाल सीमा और सोशल मीडिया पर बढ़ेगी निगरानी
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े सुरक्षा इनपुट भी रहे।
देहरादून, 15 सितम्बर 2026 | 7:00 PM IST
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव, धार्मिक आयोजनों, सीमावर्ती क्षेत्रों और आतंकवाद से जुड़ी संभावित चुनौतियों को देखते हुए पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सोमवार को अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।

बैठक में आतंकवाद-रोधी रणनीति, सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथ की आशंका, चीन एवं नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों, मुख्यमंत्री एवं VVIP सुरक्षा, चारधाम यात्रा, आगामी कुंभ और विधानसभा चुनाव सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
आतंकवाद के खिलाफ ‘प्रहार’ को धरातल पर उतारने के निर्देश
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार DGP ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने पर जोर दिया।
बैठक में कहा गया कि आतंकवाद की बदलती चुनौतियों को देखते हुए राज्य की सुरक्षा एवं खुफिया व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जाना आवश्यक है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति एवं रणनीति के अनुरूप विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
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पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी को लेकर विशेष सतर्कता
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े सुरक्षा इनपुट भी रहे।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने से संबंधित इनपुट तथा उसके कथित साथियों की देश के विभिन्न हिस्सों में हुई गिरफ्तारियों को देखते हुए उत्तराखंड के सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पुलिस अधिकारियों को ऐसी गतिविधियों और संदिग्ध नेटवर्क पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड ATS को और पेशेवर बनाने की तैयारी
DGP ने देश के बड़े राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल आतंकवाद-रोधी अभियानों के मॉडल का अध्ययन करने को भी कहा।
इसके आधार पर उत्तराखंड ATS के ऑपरेशनों और क्षमताओं को उच्च पेशेवर स्तर तक अपग्रेड करने पर जोर दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि पुलिस आतंकवाद एवं संगठित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य की ATS क्षमता को और मजबूत करना चाहती है।
चीन और नेपाल सीमा पर बढ़ेगी निगरानी
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा बैठक का एक प्रमुख मुद्दा रही।
चीन और नेपाल सीमा से सटे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, संभावित घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए।
इसके लिए ITBP, SSB, सेना, Intelligence Bureau, उत्तराखंड पुलिस और ATS के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय Inter-Agency Coordination Meeting आयोजित करने को कहा गया है।
इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों के बीच सूचनाओं और रणनीति का बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री और VVIP सुरक्षा पर फोकस
आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही चुनाव के दौरान प्रस्तावित VVIP कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पुलिस अधिकारियों को आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरण और दूसरे सुरक्षा संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

Facebook, X, Instagram और WhatsApp पर 24 घंटे निगरानी
बैठक में सोशल मीडिया को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ और बड़े धार्मिक आयोजनों को देखते हुए Facebook, X, Instagram तथा WhatsApp Groups पर 24 घंटे सघन निगरानी रखने को कहा गया है।
इसका उद्देश्य भड़काऊ सामग्री अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वाले तत्वों की समय रहते पहचान करना बताया गया है।
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Deepfake और फर्जी वीडियो पर तत्काल Fact-Check
AI और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच Deepfake और manipulated videos को भी सुरक्षा चुनौती के रूप में बैठक में शामिल किया गया।
संवेदनशील और सांप्रदायिक मामलों में फैलने वाली भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, Deepfake तथा अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन और Fact-Check जारी करने के निर्देश दिए गए।
चुनावी दौर में यह व्यवस्था विशेष महत्व रख सकती है, क्योंकि सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली गलत सूचना कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

चारधाम से कुंभ तक सुरक्षा की बड़ी तैयारी
उत्तराखंड में लगातार बढ़ती पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए वर्तमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही आगामी कुंभ मेले और दूसरे बड़े धार्मिक आयोजनों के निर्बाध एवं सुरक्षित संचालन के लिए अभी से ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख आयोजनों के दौरान भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
President Police Colour Ceremony की भी तैयारी
राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखंड पुलिस को प्रदान किए गए विशिष्ट प्रतीक चिह्न के लिए आयोजित होने वाली President Police Colour Ceremony की तैयारियों की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
शीर्ष पुलिस अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, IG STF नीलेश आनन्द भरणे, IG कार्मिक सुनील कुमार मीणा, IG P&M/मुख्यालय बरिंदरजीत सिंह, SP अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, SP सुरक्षा/ATS सरिता डोबाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य के सभी जिलों के अभिसूचना प्रभारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
कुल मिलाकर बैठक का फोकस पारंपरिक कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर आतंकवाद, ऑनलाइन radicalisation, अंतरराष्ट्रीय सीमा, Deepfake, सोशल मीडिया निगरानी, चुनाव और बड़े धार्मिक आयोजनों से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों पर रहा।