50 फीसद वाहनों में ही फास्टैग, लग रहा जाम; पढ़िये पूरी खबर

देहरादून,VON NEWS: यूं तो देश के सभी टोल प्लाजा पर 15 फरवरी से फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा है, उनसे दोगुना टैक्स वसूलने का प्रविधान किया गया है, लेकिन हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग पर उत्तराखंड के एकमात्र लच्छीवाला टोल प्लाजा की सूरत इससे जुदा है। यहां 18 फरवरी से टोल टैक्स की वसूली अनिवार्य कर दी गई है। मगर, अभी भी रोजाना औसतन 50 फीसद वाहन बिना फास्टैग के गुजर रहे हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के आंकड़ों के मुताबिक लच्छीवाला से रोजाना औसतन 12 हजार वाहन गुजर रहे हैं। इनमें से छह हजार के करीब ही ऐसे वाहन होते हैं, जिनमें फास्टैग है। उत्तराखंड के लिए टोल प्लाजा की नई व्यवस्था को देखते हुए फिलहाल किसी से जुर्माना वसूल नहीं किया जा रहा है। फास्टैग नहीं होने की स्थिति में सामान्य दर पर ही नकद या क्रेडिट/डेबिट कार्ड से टैक्स वसूल किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है। प्लाजा से गुजरते वक्त वाहनों की रफ्तार वैसे ही कम हो जाती है। फास्टैग न होने से राजमार्ग पर अनावश्यक रूप से जाम भी लग रहा है

टोल टैक्स से बचने के लिए चार हजार वाहनों ने बदला रूट

टोल प्लाजा शुरू होने से पहले लच्छीवाला से प्रतिदिन औसतन 16 हजार वाहनों की आवाजाही होती थी। अब यह आंकड़ा 12 हजार हो गया है। इसकी वजह यह है कि तमाम वाहन चालक टोल टैक्स से बचने के लिए थानों या दूधली मार्ग का सहारा ले रहे हैं। इससे इन मार्गों पर वाहनों पर दबाव भी बढ़ गया है।

पेट्रोल पंप पर भी बन रहे फास्टैग

एनएचएआइ ने अपने आकलन में पाया है कि कई लोग इसलिए फास्टैग नहीं बनवा पा रहे, क्योंकि यह उन्हें सुलभ नहीं हो रहा। लिहाजा, अधिकारियों ने विभिन्न पेट्रोल पंपों को साथ लेकर वहां फास्टैग बनाने का इंतजाम किया है। कोई भी व्यक्ति इन पेट्रोल पंप पर जाकर फास्टैग बनवा सकता है। टोल प्लाजा पर भी फास्टैग बनाए जा रहे हैं।

 

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