कोविड टैक्स: 155 शराब की बंद पड़ी दुकाने 01 हजार करोड़ की जगह 250 करोड़ रुपये में खुश है आबकारी विभाग

आबकारी विभाग के अफसर शायद गणित में कमजोर हैं। शराब में कोविड टैक्स लगाकर ढाई सौ करोड़ के अतिरिक्त टैक्स का तो अनुमान लगा दिया। मगर 155 बंद पड़ी दुकानों से हज़ार करोड़ के राजस्व हानि चिंता करना भूल गए। प्रदेश में 620 कुल दुकाने थी।

जिनमें से कुछ को तोड़कर दो किया गया। जिसके बाद वर्तमान में 669 दुकाने दुकाने हुई। लेकिन 504 ही उठ पाई। 155 बंद पड़ी हैं। जिनमें ज्यादातर हरिद्वार, दून, यूएस नगर,अल्मोड़ा और नैनीताल में हैं। जिनसे करीब हज़ार करोड़ का राजस्व मिलना है।

लेकिन इसकी ना इन ज़िलों के डीईओ फिक्र कर रहे हैं ना मुख्यालय ना शासन। जबकि इन जिलों सही सांसे ज्यादा राजस्व मिलना हैं। ना उठने वाली ज्यादा राजस्व की दुकानों को पॉलिसी के अनुसार 8दो हिस्सों तोड़ना है। लेकिन इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ना ही इनके उठान को लेकर कोई योजना बन रही है।

लोकल डिस्ट्रीब्यूटर को फायदा पहुंचाने को दोहरे नियम आबकारी विभाग ने कोविड टैक्स में जो शराब महंगी की उसमें इम्पोर्टेड शराब पर परमिट फीस का दोहरा नियम बना दिया। लोकल डिस्ट्रीब्यूटर से माल लेने पर 20 रुपये तो राज्य के बाहर से लेने पर 500 रुपए प्रति बोतल फीस ली जाएगी। यानी हर दुकानदार मजबूरी में लोकल डिस्ट्रीब्यूटर से ही माल खरीदेगा। वो भी जो उपलब्ध हो।

बड़े जिलों में बंद दुकानें 
हरिद्वार-55
दून-22
यूएस नगर-22
अल्मोड़ा-20
नैनीताल-12

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