गढ़वाल क्षेत्र के 11 कार्यालयों के लगभग 30 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इमर्जिंग टेक के मूल तत्व” विषय पर दो दिवसीय इंटरैक्टिव प्रशिक्षण कार्यक्रम आज शुरू
देहरादून: गढ़वाल क्षेत्र के 11 कार्यालयों के लगभग 30 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इमर्जिंग टेक के मूल तत्व” विषय पर दो दिवसीय इंटरैक्टिव प्रशिक्षण कार्यक्रम आज शुरू हुआ । डीएन मार्केटिंग, देहरादून द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के पहले दिन का सफल संचालन विशेषज्ञ ट्रेनर सौरभ मल्होत्रा और पीयूष उनियाल ने किया । इस कार्यशाला में सुनील शर्मा (उपायुक्त), संदीप सैनी (संभागीय परिवहन अधिकारी – प्रशासन) और डॉ. अनीता चमोला (संभागीय परिवहन अधिकारी – प्रवर्तन), देहरादून प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

“AI को समझना” थीम पर आधारित आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जटिल तकनीकी अवधारणाओं को सरल और बुनियादी कौशल में बदलना था । दिन की शुरुआत AI युग के परिचय के साथ हुई, जिसमें पारंपरिक सॉफ्टवेयर और जनरेटिव AI के बीच के अंतर को स्पष्ट किया गया और कार्यस्थल पर AI से जुड़े सामान्य मिथकों को दूर किया गया ।

प्रतिभागियों ने चैटजीपीटी (ChatGPT), गूगल जेमिनी (Google Gemini) और माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट (Microsoft Copilot) जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स का व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) अनुभव प्राप्त किया । “प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग 101” मॉड्यूल के तहत अधिकारियों ने R-T-C-F (भूमिका, कार्य, संदर्भ, प्रारूप) फ्रेमवर्क सीखा । एक इंटरैक्टिव “ईमेल मेकओवर” गतिविधि के माध्यम से उपस्थित लोगों ने विभागीय रफ नोट्स को पेशेवर आधिकारिक पत्राचार में सफलतापूर्वक बदलना सीखा ।

दोपहर का सत्र रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच पर केंद्रित रहा । “AI विजुअल्स” वर्कशॉप के दौरान, प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता पोस्टर तेजी से बनाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट डिज़ाइनर और कैनवा जैसे टूल का उपयोग किया । इसके बाद “स्पॉट AI लाइज़” सत्र ने अधिकारियों को AI हैलुसिनेशन (गलत जानकारी) को पहचानने के कौशल से लैस किया, जिसमें एक डायनामिक फैक्ट-चेकिंग गेम के जरिए “भरोसा करें, लेकिन सत्यापित करें” की मानसिकता पर जोर दिया गया ।
पहले दिन का समापन एक प्रैक्टिकल लैब के साथ हुआ, जहां अधिकारियों ने वाहन जब्ती नोटिस तैयार करने जैसे नियमित प्रशासनिक कार्यों को स्वचालित (ऑटोमेट) करने के लिए कस्टम AI वर्कफ़्लो बनाए । यह कार्यक्रम कल भी जारी रहेगा, जिसमें डेटा गोपनीयता, AI के नैतिक उपयोग और डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा ।