गोवा में छाया उत्तराखंड में फ़िल्म शूटिंग का जलवा । फ़िल्म निर्माताओं का आकर्षण बढ़ा

मुख्यमंत्री की सोच को अमलीजामा पहना रहे सलाहकार के एस पंवार।

गोवा में छाया उत्तराखंड में फ़िल्म शूटिंग का जलवा । फ़िल्म निर्माताओं को आकर्षण बढ़ा

गोवा/मुम्बई/देहरादून : (वॉयस ऑफ नेशन )
जी हाँ यह सत्य है कि पहली बार देश मे ऐसा संदेश गया है कि हर फिल्म निर्माता उत्तराखंड ने अपनी फिल्म शूटिंग करना चाह रहा है और इसका कारण है उत्तराखंड के यशस्वी,मृदुभाषी व संवेदनशील मुख्यमंत्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत और उनकी सलाहकार की टीम जिसे संभाल रहे है सलाहकार के एस पंवार।

आपको बता दे कि उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि यहाँ राज्य स्थापना दिवस के दौरान मसूरी में फ़िल्म कॉन्क्लेव आयोजित किया गया जिसमें देश दुनिया के फिल्मकार पधारे जिनमे
विशाल भारद्वाज ,संजय अरोरा,कुलमीत मक्कड़,राहुल मिश्रा,गुनीत वालिया,पूजा बालोटिया,तिग्मांशु धूलिया,रत्ना सिन्हा,कविता चौधरी,राज शांडिल्य,उमेश शुक्ला,भारत बाला,मुज्जफर अली आदि ने भाग लिया ।

यह मुख्यमंत्री की ही सूझ बूझ और दूर दृष्टि थी कि उन्होंने समय से मौके की नजाकत समझी व उनके विभाग में उपलब्ध फ़िल्म सब्सिडी की धनराशि को फ़िल्म नीति के अनुसार इस दौरान निर्माताओं को सौंपने की सोच को अमलीजामा पहनाया और यहाँ 100 प्रतिशत शूटिंग हुई फिल्मों को इस दौरान सब्सिडी के चैक भी बंटवा दिए जिसका संदेश दूर दूर तक गया कि उत्तराखंड सरकार की कथनी व करनी में कोई फर्क नही है व जो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने उत्तराखंड फ़िल्म नीति में लिखा उसे करके भी दिखाया । इस बात का यह असर हुआ कि उसके बाद से कई आवेदन फ़िल्म शूटिंग के आ चुके है और पिछले 15 दिनों में ही 5 फिल्मों के महूर्त व शूटिंग प्रारम्भ हो चुकी है ।


पाठकों को यह जानकर खुशी होगी कि यह सब्सिडी देने के पीछे मंतव्य व यहाँ फ़िल्म शूटिंग के लिए निशुल्क अनुमति देने का महत्व यहाँ के जनमानस के लिए ही लाभदायक साबित हो रहा है क्योंकि जब यहाँ शूटिंग होगी तो उत्तराखंड के जिन जिन स्थानों पर शूटिंग करने आए निर्माता उस जगह के होटल,रेस्टॉरेंट,ट्रेवल एजेंसी,स्थानीय मेंन पावर व स्थानियं प्रतिभाओ व कलाकारों को भी मौका देँगे जिससे यहाँ उनका आकर्षण बढेगा व यहाँ उनके द्वारा खर्च की जाने वाली धनराशि राज्य में इन सभी की आय का श्रोत बनेगी व राज्य का पैसा भी राज्य में रहेगा तथा इन संभावनाओं से राज्य के वर्तमान व नए पर्यटन स्थान डेवेलप होंगे ।

इधर गोवा में 20 नबम्बर से प्रारम्भ हुए अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल में भी देश के 2 राज्यो को अपना प्रस्तुतिकरण देने के लिए चयनित किया गया जिसमें ये सौभाग्य उत्तराखंड को भी मिला और उत्तराखंड से इस विभाग के एक्सपर्ट व विधा के जानकर तथा मुख्यमंत्री की सोच को धरातल पर उतारने में विशेष योगदान देने वाले सलाहकार के एस पंवार, महानिदेशक सूचना मेहरबान सिंह बिष्ट के साथ इस सारी व्यवस्था को नजदीकी से बखूबी संभाल रहे सीईओ श्री के एस चौहान व निदेशक डॉ अनिल चंदोला गोवा पहुँचे व बढ़ चढ़ कर उत्तराखंड की पैरवी की तथा मुख्यमंत्री का संदेश देश दुनिया तक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पहुचाया जिसकी भूरी भूरी प्रशंशा देखने व सुनने को मिल रही है ।

यही कारण है फिल्मों के लिए उत्तराखंड को मोस्ट फ्रेंडली स्टेट का पुरुस्कार मिला है जो कि मुख्यमंत्री त्रिवेंन्द्र सिंह सरकार की बड़ी उपलब्धि है व इसका सही संदेश गया तो उत्तराखंड में पर्यटन की बल्ले बल्ले होनीं तय है और वो दिन दूर नही की जो यहाँ के गांव से पलायन कर गए है आपको वापसी करते दिखाई दे सकते है । वॉयस ऑफ नेशन ने अपने पिछले लेख में लिख दिया था कि 1 साल 11 माह शेष कार्यकाल भी त्रिवेंन्द्र सिंह रावत ही पूर्ण कर उत्तराखंड में इतिहास रचेंगे तथा अगले मुख्यमंत्री भी यही होंगे भविष्यवाणी कर दी है और इन सब उपलब्धियों को जब धरातल पर उतरे देखेंगे तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी ।

बरहाल हम सरकार को यही कहना चाहेंगे कि उत्तराखंड में फ़िल्म उद्योग का जन्म व फ़िल्म इतिहास व विकास की कहानी ,उत्तराखंड में अब तक बनी फिल्मों व उनका स्तर,उत्तराखंड की फ़िल्म नीति की समीक्षा ,उत्तराखंड के फिल्मकारों की जानकारी,राज्य में पर्यटन में फ़िल्म उद्योग का योगदान कैसे हो , तथा यहाँ होने वाले फ़िल्म क्षेत्र के आयोजनों से सम्बंधित कार्यक्रम में यहाँ की अच्छी रजिस्टर्ड फ़िल्म संस्था या उत्तराखंड के फ़िल्म निर्माताओं के सहयोग से उनके विचार लेकर आयोजित करवाएं जिससे कि विधा को समझने वाले लोग शामिल हो सके क्योंकि किसी स्थानीय फ़िल्म निर्माता को समिति में जोड़कर चर्चा कर ली जाये तो यह कार्यक्रम और बहुत कुछ उपलब्धिया निकाल सकते है । इसीलिए यदि फ़िल्म बोर्ड का गठन कर दिया जाए तो हर कार्यक्रम फ़िल्म बोर्ड के अंतर्गत आयोजित किया जा सकता है

उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही उत्तराखंड में शूटिंग की गई फिल्मों का फेस्टिवल उत्तराखंड फ़िल्म चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित किया जा सकता है जो राज्य के प्रगति के संदेश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि हॉगी ।

(वॉयस ऑफ नेशन के लिए मुंबई से कांमिनी ,गोवा से विश्वजीत व मसूरी से संजीव कुमार की रिपोर्ट )

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