पहली बार वोट डालेंगे उत्तराखंड के इतने युवा, जानिए

देहरादून। लोकसभा चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड के युवाओं में खासा उत्साह देखने में आ रहा है। इस मर्तबा 31 जनवरी 2019 तक 18 साल की आयु पूरी कर चुके 42 हजार से ज्यादा युवाओं के मतदाता सूची में शामिल हो चुके हैं, जो पहली बार लोस चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

निर्वाचन आयोग की पहल पर शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी दी गई। कार्यशाला में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने निर्वाचन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि निर्वाचन में मीडिया अहम भूमिका निभाता है। लोगों को अधिक से अधिक मताधिकार का प्रयोग करने को चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया के जरिये आमजन तक पहुंचाई जा सकती है। 100 मिनट में शिकायत पर कार्रवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ‘सी-विजिल एप’ भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकता है। 100 मिनट के भीतर इस पर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

1950 से जानें लिस्ट में नाम है या नहीं मतदाताओं की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1950 और वोटर हेल्प लाइन एप प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति यह जानकारी ले सकता है कि वोटर लिस्ट में उसका नाम है अथवा नहीं। इसके अलावा सूची में नाम शामिल करने अथवा परिवर्तित कराने की सुविधा भी मतदाताओं को मिलेगी। 1.16 लाख नए मतदाता जुड़े राज्य में 31 जनवरी 2019 तक 1.16 लाख नए मतदाता वोटर लिस्ट में जुड़ हैं। इनमें 42 हजार ऐसे हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे।

कार्यशाला में स्वीप के राज्य समन्वयक मोहम्मद असलम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए 40 हजार से अधिक नए आवेदन भी आए हैं, जिन पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। आयोग की है स्पष्ट गाइडलाइन उप निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने निर्वाचन प्रक्रिया की कवरेज और इसके लिए मीडिया को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को किसी भी प्रकार की अफवाहों, आधारहीन अटकलबाजियों व गलत सूचनाओं से बचना चाहिए। पेड न्यूज लोकतंत्र के लिए हानिकारक विज्ञापन अनुश्रवण समिति के सदस्य सुभाष गुप्ता ने पेड न्यूज से होने वाले नुकसान और इन्हें पहचानने के तरीकों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक होती है।

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