गंभीर ने लगाई फटकार तो अफरीदी ने फिर किया ट्वीट, तिरंगे के साथ फोटो डालकर बोली ये बात

नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने जम्मू-कश्मीर में रविवार को सेना के आतंकरोधी अभियान के तहत मारे गए 12 आतंकियों से हमदर्दी जताई तो भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने उऩ्हें लताड़ लगाई, लेकिन गंभीर की फटकार के बाद भी अफरीदी ने एक और ट्वीट किया।

अफरीदी ने इस बार जो ट्वीट किया है उसमे उन्होंने भारतीय तिरंगे का फोटो डालते हुए लोगों से मानवता दिखाने की अपील की है। अफरीदी ने इस ट्वीट में लिखा है कि, हम सबका सम्मान करते हैं। यह तस्वीर एक स्पोर्ट्समैन का उदाहरण है (तिरंगे के साथ फोटो पर) लेकिन जब बात मानवाधिकार की आती है, तो हम सभी अपने मासूम कश्मीरियों के लिए एक ही उम्मीद रखते हैं।

ये है इस फोटो के पीछे की कहानी 

फोटो सेंट मोरित्ज में हुए आइस क्रिकेट मैचों के आयोजन के दौरान का है। स्विट्जरलैंड के सेंट मोरित्ज में जब दूसरा मैच खत्म हुआ तब अफरीदी तिरंगे का सम्मान करते नजर आए थे। दूसरे मैच में जीत के बाद अफरीदी अपने प्रसंशकों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। उनके साथ फोटो और सेल्फी के लिए प्रशंसकों की भीड़ जमा थी। एक भारतीय लड़की तिरंगा लेकर खड़ी थी और वह अफरीदी के साथ भी फोटो खिंचवाना चाहती थी। जैसे ही अफरीदी उसके साथ फोटो खिंचवाने आए, उनकी नजर तिरंगे पर पड़ी जो पूरा खुला हुआ नहीं था। अफरीदी ने उस लड़की से कहा, ‘फ्लैग सीधा करो’ और फिर फोटो उन्होंने फोटो खिंचवाई। मंगलवार को कश्मीर के मुद्दे पर किए गए अफरीदी के ट्वीट के बाद जब उन्हें गंभीर ने लताड़ लगाई, तो फिर अब अफरीदी इस तिरंगे वाली तस्वीर का सहारा लेकर ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि हम सभी का आदर करते हैं।

इस वजह से हुई से अफरीदी की आलोचना

अफरीदी ने ट्वीट कर कश्मीर की स्थिति को बेचैन करने वाला बताया और संयुक्त राष्ट्र के साथ ही दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर भी सवाल खड़े किए थे। इसके जवाब में भारतीय बल्लेबाज और दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान गंभीर ने उन्हें जमकर लताड़ा था। अफरीदी ने ट्वीट में लिखा था कि कश्मीर की स्थिति बेचैन करने वाली और चिंताजनक है। यहां आत्मनिर्णय और आजादी की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी शासन द्वारा निदरेषों को मार दिया जाता है। हैरान हूं कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन कहां हैं? वे इस खूनी संघर्ष को रोकने के लिए कुछ क्यों नहीं कर रहे?

गंभीर ने लगाई थी लताड़

इसके जवाब में गंभीर ने लिखा था कि मीडिया मुझ से अफरीदी के बयान पर राय देने के लिए कह रही है। इस पर क्या कहा जाए। अफरीदी सिर्फ यूएन को देख रहे हैं। अफरीदी के लिए यूएन अंडर-19 की तरह है। मीडिया को शांत रहने की जरूरत है, क्योंकि अफरीदी नो बॉल पर आउट करने का जश्न मना रहे हैं। गौतम ने अंडर-19 को उनकी उम्र से जोड़ा है। यानि गौतम का कहना था कि अफरीदी की उम्र तो बढ़ गई है, लेकिन मानसिक रूप से वह अभी भी अपरिपक्व हैं।

यह पहली बार नहीं है जब अफरीदी ने कश्मीर का मुद्दा उठाया हो। पिछले साल भी उन्होंने ऐसा ही ट्वीट किया था। तब अफरीदी ने लिखा था कि कश्मीर पिछले कई दशकों से क्रूरता का शिकार हो रहा है, अब वक्त आ गया है कि इस मुद्दे को सुलझा लिया जाए, जिसने कई लोगों की जान ली।

दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि कश्मीर धरती पर स्वर्ग है और हम मासूमों की पुकार को अनदेखा नहीं कर सकते। वहीं गंभीर हमेशा से भारत और भारतीय सेना के लिए खड़े रहते हैं। उन्होंने सुकमा हमले में शहीदों को अपनी आइपीएल की विजेता राशि भेंट कर दी थी। वह ऐसा कई बार कह चुके हैं कि अगर वह क्रिकेटर नहीं होते तो भारतीय सेना का हिस्सा होते। उन्होंने देशवासियों से यह भी अपील की थी कि अपनी ङिाझक तोड़कर सैनिकों का सम्मान करें।

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