सेंट जोसेफ से प्रिंसिपल बाबू के आंतक का अंत हुआ

अभिभावको व छात्रो ने ली राहत की सांस । नए प्रिंसिपल से स्कूल की खोई ख्याति पुनः प्राप्त करने की आशा

सेंट जोसेफ से प्रिंसिपल बाबू के आंतक का अंत हुआ ।
कई आरोपो के चलते हटाये गए ।
देहरादून : 15 मई 2019:  बंदूक,कट्टा, ड्रग ,लड़ाई-झगड़े रोज रोज अभिभावको की भीड़ और स्कूल का माहौल खराब ।
यहाँ तक कि इस साल तो सभी अखबारों ने यह तक लिख दिया कि देहरादून में शिक्षा का स्तर गिर गया और CBSE  के  कई    और ICSE में सेंट जोसफ का कोई छात्र अच्छे नम्बर नही लाया जिसका  कारण 35% व 40% की लड़ाई रही व 20 नम्बर प्रोजेक्ट के असमंजस व 3200 रुपए लेकर भी अभिभावको को री – टेस्ट के पेपर न दिखाना रहे ।

आपको बता दे कि इन सब विषयो को लेकर अभिभावको ने इस वर्ष बाबू वर्गीस के खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज करवाई थी और यहाँ तक कि कई छात्र नैनिताल हाई कोर्ट की शरण मे भी गए हुए हैं जिनको

21 मई 2019 को न्याय मिलने की पूर्ण संभावना है तथा 21 मई को पिछले 2 वर्षों की कॉपी की जाँच के आदेश  भी हो  सकते है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सेंट जोसफ की स्कूल डायरी में स्पष्ट लिखा है कि यहाँ का कोई भी शिक्षक निजी ट्यूशन नही पढ़ायेगा पर बाबू से सांठगांठ करके लगभग सभी शिक्षक आने घर पर ट्यूशन पढ़ा रहे हैं ।

स्कूल की छुट्टियां ,फेस्टिवल, तैयारिया, अन्य फंक्शन  गिन ले तो 365 में से 160 पढ़ाई के दिन ही निकल रहे है ।

अभिभावको ने बताया कि वो सभी छात्र जो ट्यूशन पढ़ते है इस साल फेल नही किये गए क्योंकि बाबू ने उनके नाम शिक्षको से ले लिए थे और जो बच्चे ट्यूशन नहीं पड़े उन्हें फेल कर दिया गया तथा जानकर वो शिक्षक क्लास में ठीक से नही पढ़ाते ।

हालात यह हुए की  जो शिक्षक दूसरे स्कूल में म्यूजिक टीचर थे वो यहाँ फिजिक्स जैसा महत्वपृर्ण सब्जेक्ट पढ़ा रहे है ।
यह बाबू भाई का ही साम्राज्य था जहां पिछले वर्ष स्कूल में कट्टा जैसा हथियार मिला और एक छात्र को तो कोई इतना ब्लैकमेल कर रहा था कि वो घर से 3 लाख चुरा कर स्कूल लाया हुआ था ।

यह सभी तथ्य नैनीताल हाई कोर्ट में छात्रो ने अपनी याचिका के जवाब में लिखे है ।
यहाँ तक कि कई छात्र ड्रग बेचते मिले जिन्हें स्कूल से शिकायतो के बाद निकाला गया । स्कूल की कैंटीन का गिरता स्तर ,दीवार से चिल्ला चिल्ला कर छात्रो का बाहर से मोमो ,चाऊमीन आदि अनंहाईजेनिक खाना मंगवाना ,स्कूल से बंक मारना ,बाथरूम में पेन हुक्का का धुआं आदि विषय बाबू भाई के कार्यकाल के चर्चे के बड़े विषय रहे ।
यहाँ तक कि बाबू भाई पर पैसा लेकर री-टेस्ट व पास करने के आरोप भी अभिभावको ने लगाए साथ ही भेदभाव व सिफारिशों से फेल छात्रो को प्रोमोट करने व री-टेस्ट में नम्बर बढ़ाने के आरोप भी लगे तो कई अभिभावको से पैसा लेकर भी री-टेस्ट कराने के आरोप भी लगे ।
पता चला है कि बाबू की इन सब गतिविधियों पर उच्च स्तर से नज़र रक्खी जा रही थी और कई ऐसे निर्णय जो अभिभावको और स्कूल पर जबरदस्ती थोपे जा रहे थे व        ” किन्ही ” खास को कुछ काम दिए जा रहे थे जिससे खफा  व उच्च स्तर पर सही पाए जाने और स्कूल की प्रतिष्ठा खराब न हो, इस कारण अंततः बाबू भाई का आज फेयरवेल कर दिया गया जिससे अभिभावको व कई छात्रो ने राहत की सांस ली है व नए प्रिंसपल  श्री जेेसीलन से आशा कि हैै की वो इन सब

विषयो से स्कूल को हटाकर नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे ।

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