सुभारती के पैरामेडिकल की मान्यता भी नहीं : राज्य सरकार

राज्य सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

देहरादून : सुभारती के पैरामेडिकल के 700 छात्रो कर लिए बुरी खबर है ।
राज्य सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए जवाब में स्पष्ट किया कि सुभारती की पैरामेडिकल की मान्यता राज्य पैरामेडिकल से नही है और साथ ही राज्य सरकार ने संस्थान की भारी खामियों व फर्जीवाड़े का खुलासा भी किया ।
आपको बता दे कि 7 दिसंबर को इन 700 छात्रो ने मीडिया को बताया था कि इनको विभिन्न निरीक्षण के दौरान स्टाफ व कर्मचारी बता कर खड़ा कर दिया जाता था तथा अस्पताल में फर्जी मरीज दिखा कर लिटा दिया जाता था ।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि इस संस्थान में पैरामेडिकल चलाने की कक्षाएं तक निरीक्षण के दौरान नही मिली तथा संस्थान में लैब भी।पैरामेडिकल के लिए उपयुक्त नही है तथा फेजीयोथेरेपी के उपकरण व लैब मानको के विरुद्ध है जो प्रक्षिक्षण की दृष्टि से ठीक नही है ।
राज्य सरकार ने लिखा कि संस्थान में पैरामेडिकल के अलग से टीचर ही नही है तथा निरिक्षण के दौरान छात्रो को अवकाश पर भेजा गया है , यह बताया गया

हैरानी की बात है MBBS के 300 छात्रो व पैरामेडिकल के 700 छात्रो के भविष्य से ख़िलावड करने वाले इस संस्थान के डॉक्टर अतुल भटनागर ,यशवर्धन रस्तोगी ,मुक्ति भटनागर ,अविनाश श्रीवास्तव ,राजेश मिश्रा आदि लोगो को अभी तक गिरफ्तार करके जेल क्यों नही भेजा गया ?

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