सुभारती के छात्रो के ढाई साल हुए बर्बाद : नए सत्र में बैठेंगे

आज सुप्रीम कोर्ट ने पुराना फैसला रखा बरकरार

देहरादून : सुभारती मेडिकल कॉलेज देहरादून के संचालको जिनमे डॉ अतुल भटनागर ,यशवर्धन रस्तोगी ,मुक्ति भटनागर ,अविनाश श्रीवास्तव, प्रिंसिपल राजेश मिश्रा आदि ने मिलकर आखिरकार वर्ष 2016- 17 के 150 छात्रो का भविष्य व उनके जीवन के अमूल्य 2.5 साल बर्बाद कर ही दिए
आपको बता दे कि सुभारती के इन दरिंदो ने 2016-17 के बैच के छात्र छात्राओं की एमबीबीएस की परीक्षा अपनी फर्जी रासबिहारी बोस सुभारती यूनिवर्सिटी से करवा दी जिसे एमसीआई व एच एन बी की मान्यता नही थी और एक वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें फर्जी डिग्री व मार्कशीट भी थमा दी, यही नही इन छात्रो से तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री दिनेश धने से एक स्वयम्भू फीस निर्धारण का पत्र लिखवा कर 13.50 से 18 लाख रुपये फीस भी ले ली जबकि फीस का निर्धारण रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमिटी करती है और कई छात्रो के अभिभावकों को 5 साल तक लगातार पास करने की गारंटी देकर पूरे 5 वर्ष की फीस भी वसूल ली ऐसे लगभग 45 छात्र बताये जा रहे है जिनसे ब्लैकमेलिंग कर अंको की आड़ में पूरे 5 वर्ष की फीस वसूल ली गयी
इन छात्रो ने सुप्रीम कोर्ट में अलग से याचिका डायरनकी थी कि इनके 2.5 वर्ष बर्बाद होने से रोके जाए पर न्यायमूर्ति ने मान्यता न होने के कारण इससे इनकार कर दिया व इनकी याचिका खारिज कर दी और इनको भी प्रथम वर्ष में बैठने व परीक्षा के लिए पूर्व में दिए गए आदेश पर अमल रहे ।
वही राज्य के कुछ छात्रो ने यह भी याचिका लगाई थी की क्योंकि वो राज्य की कौंसललिंग से आये है इसलिए उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज दिया जाए ,पर विद्वान न्यायमूर्ति ने कहा कि आल इंडिया मेरिट के आधार पर छात्रो को नए कॉलेजो में शिफ्ट किया जाए
वही हिमालयन कॉलेज के फीस के मुद्दे पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जो भी कानून के दायरे में होगा वही फीस मान्य होगी ।
बरहाल इतना बड़ा फर्जीवाड़ा सुभारती के संचालको ने किया और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ,एमसीआई, केंद्र तक ने सुभारती को फ्राड कहा पर सरकार है कि मुँह बन्द किये बैठे है और कोई कार्यवाही आज तक सुभारती पर नहीं की पर लगता है अब करोड़ो रूपये वापिस मांगे जाने पर छात्र व अभिभावक ही आंदोलन करेंगे क्योंकि सुभारती के पास फीस लौटने को पैसा नही है और इसको अपना मेरठ का कॉलेज बेचना पड़ सकता है पर सूत्रो की माने तो मेरठ के पूरा कॉलेज बैंको में गिरवी।पड़ा है और अतुल भटनागर के ऊपर काशीपुर में स्टेट बैंक से धोखाधड़ी करने व 62 करोड़ कर्ज न चुका पाने की रकम बढ़ते बढ़ते 110 करोड़ हो गयी है और इसकी संपत्ति की स्टेट बैंक ने ऑक्शन निकाल दी है । ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि 2016-17 के 150 छात्रो के अरब रूपये व 2017-18 के छात्रों के करोड़ो रूपये सुभारती कैसे चुकाएगा यानी मामला साफ है कि ये जल्दी ही देश से भाग जाएंगे और ढूंढे से नही मिलेंगे और कोटडा संतूर की संपत्ति तो सुभारती की है ही नही । अब सवाल है छात्रो व अभिभावकों का आक्रोश सरकार कैसे झेलेगी ?

आप भी देखे फ़ोटो में सुभारती द्वारा छात्रो को दी गयी फ़र्जी मार्कशीट जो कि एक गंभीर अपराध है

You might also like More from author

Leave a Reply

%d bloggers like this: