प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने किया 6 करोड़ का आंकड़ा हासिल

80% लाभार्थी सिलेंडर रिफिल कर रहे हैं : धर्मेंद्र प्रधान

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने किया 6 करोड़ का आंकड़ा हासिल
माननीय उपराष्ट्रपति ने लाभार्थी को प्रदान किया 6 करोडवां एलपीजी कनेक्शन
नई दिल्ली, 02 जनवरी, 2019: माननीय उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री
उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के अंतर्गत शिवपार्क, खानपुर, दिल्ली की निवासी श्रीमती जास्मिना ख़ातून
को 6 करोड़वा एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कौशल विकास और
उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस अवसर पर उपस्थित थे। योजना के तहत कई अन्य लाभार्थियों को भी
कनेक्शन प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी सोच तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए माननीय उपराष्ट्रपति ने पीएमयूवाई के
अंतर्गत 6 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों के
संयुक्त प्रयासों की प्रशंसा की।
आज के दिन को एक यादगार अवसर बताते हुए उन्होने कहा कि पीएमयूवाई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के
गरीब व्यक्तियों विशेषकर समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को लाभान्वित करने के सपने को पूरा करने
का प्रयास करता है। श्री नायडू ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
बनने के लिए तेजी से प्रयासरत है, और पीएमयूवाई जैसी योजनाएं विकास की कहानी के सामाजिक पहलू
के साथ अपनी समावेशिता से निपटती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री ने “सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन”
का आह्वान किया है और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की यह पहल लोगों के जीवन को बदलने
में एक विशाल कदम है। यह न केवल घरेलू धुएं के कारण स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से
निपटता है, बल्कि महिलाओं को भी सशक्त बनाता है और उनके नियति पर नियंत्रण को पुनर्स्थापित करता
है। माननीय उपराष्ट्रपति ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से क्रांति के रूप में वर्णित किया। उन्होंने निर्धारित समय से
पहले ही लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी हितधारकों को बधाई दी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रसोई गैस
के शुभारंभ के बाद से पचास वर्षों में, केवल 13 करोड़ कनेक्शन प्रदान किए गए थे, जबकि पिछले 54 महीनों
में, लगभग इतने ही कनेक्शन सरकार द्वारा प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी कनेक्शन का
कवरेज जो 2014 में 55% था से बढ़कर अब 90% हो गया है। श्री प्रधान ने कहा कि पीएमयूवाई के लगभग
80% लाभार्थी सिलेंडर रिफिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएमयूवाई का अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और
विकसित देशों द्वारा स्वागत किया गया है साथ ही इसने दुनिया के विकासशील देशों के लिए एक मिसाल
कायम की है।
देश में बीपीएल परिवारों को खाना पकाने हेतु स्वच्छ ईंधन के रूप में एलपीजी प्रदान करने के उद्देश्य के
साथ भारत सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों (बीपीएल) की महिलाओं को 5 करोड़ जमा-
रहित एलपीजी कनेक्शन देने के लिए ’’प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’’ (पीएमयूवाई) की शुरूआत की थी
जिसका लक्ष्य बाद में रु. 12800 करोड़ के बजटीय आबंटन के साथ 8 करोड़ तक बढ़ाया गया है ।
यूनिवर्सल पीएमयूवाई में अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के अंतर्गत पूर्व में सामाजिक
आर्थिक जाति गणना (एसईसीसी) सूची के माध्यम से चयनित श्रेणियों में जिनका नाम शामिल नहीं हुआ है
और उन्हें एसईसीसी सूची में नाम नहीं होने के कारण एलपीजी कनेक्शन नहीं मिला है उन लाभार्थियों को
निम्न श्रेणियों जैसे अ.जा./अ.ज.जा परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई ग्रामीण), अंत्योदय
अन्न योजना (एएवाई), वनवासी, अत्यधिक पिछड़ा वर्ग (एमवीसी), चाय एवं पूर्व चाय बागान जनजातियों
के लाभार्थियों तथा द्वीपों/नदी तटों पर रहने वाले लोगों की सूची के साथ शामिल किया गया है। 5 करोड़
कनेक्शनों का प्रारंभिक लक्ष्य इसके लिए निर्धारित लक्ष्य तिथि अर्थात् 31 मार्च, 2019 से पहले ही हासिल
कर लिया गया है |

पीएमयूवाई के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय एलपीजी कवरेज में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है विशेष
रूप से पूर्वी राज्यों में । योजना के परिणामस्वरूप ग्रामीण गरीब घरों तक एलपीजी पहुंची है जिसमें 48
प्रतिशत लाभार्थी अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग से है ।
योजना के अंतर्गत 74 प्रतिशत लाभार्थी, जो गैस स्टोव की खरीद एवं पहले रिफिल के लिए अग्रिम राशि
का भुगतान करने में असमर्थ थे, उन्हें ओएमसी द्वारा ऋण सुविधा प्रदान की गई। यहां इस बात का उल्लेख
करना जरूरी है कि पीएमयूवाई लाभार्थियों की औसतन प्रति व्यक्ति खपत 3.28 है। यह उन घरों के जीवन
स्तर में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा सकता है जो लम्बे समय से खाना पकाने हेतु पारंपरिक
ईंधन एवं प्रक्रिया पर आश्रित थे।
समान समूह बातचीत – कुछ सीखें, कुछ सिखाये के माध्यम से अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए एलपीजी
पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य अनुभव को साझा करने के अलावा, एलपीजी के
सुरक्षित एवं किफायती उपयोग को बढ़ावा देना भी है। पीएमयूवाई लाभार्थियों के बीच शिक्षा एवं
जागरूकता भैलाने हेतु ओएमसी द्वारा अभी तक 59,960 एलपीजी पंचायतों एवं सुरक्षा कार्यशालाओं का
आयोजन किया जा चुका है |
01.12.2018 तक उद्योग स्तर पर 22,639 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप हैं। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन
इनफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा देश भर में मार्च 2019
तक 835 नए डिस्ट्रीब्यूटरों को जोड़ने की योजना है।
गरीब परिवारों तक एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए, ओएमसी ने उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 5 किग्रा.
सिलेंडर रिफिल की शुरूआत की है जिसमें उज्ज्वाला लाभार्थी 14.2 किग्रा. सिलेंडर के स्थान पर 5 किग्रा.
रिफिल या इसके विपरीत ले सकते हैं। 31.12.2018 तक 1,33,869 लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ
उठाया है।
ओएमसी ने पीएमयूवाई लाभार्थी जिन्होंने हॉटप्लेट या पहले रिफिल या दोनों के लिए ऋण लिया है, उनके
लिए 01.04.18 से छह रिफिल या एक वर्ष तक ऋण वसूली आस्थगन की छूट भी दी है।
माननीय उपराष्ट्रपति ने लाभार्थी को प्रदान किया 6 करोडवां एलपीजी कनेक्शन
नई दिल्ली, 02 जनवरी, 2019: माननीय उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री
उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के अंतर्गत शिवपार्क, खानपुर, दिल्ली की निवासी श्रीमती जास्मिना ख़ातून
को 6 करोड़वा एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कौशल विकास और
उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस अवसर पर उपस्थित थे। योजना के तहत कई अन्य लाभार्थियों को भी
कनेक्शन प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी सोच तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए माननीय उपराष्ट्रपति ने पीएमयूवाई के
अंतर्गत 6 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों के
संयुक्त प्रयासों की प्रशंसा की।
आज के दिन को एक यादगार अवसर बताते हुए उन्होने कहा कि पीएमयूवाई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के
गरीब व्यक्तियों विशेषकर समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को लाभान्वित करने के सपने को पूरा करने
का प्रयास करता है। श्री नायडू ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
बनने के लिए तेजी से प्रयासरत है, और पीएमयूवाई जैसी योजनाएं विकास की कहानी के सामाजिक पहलू
के साथ अपनी समावेशिता से निपटती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री ने “सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन”
का आह्वान किया है और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की यह पहल लोगों के जीवन को बदलने
में एक विशाल कदम है। यह न केवल घरेलू धुएं के कारण स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से
निपटता है, बल्कि महिलाओं को भी सशक्त बनाता है और उनके नियति पर नियंत्रण को पुनर्स्थापित करता
है। माननीय उपराष्ट्रपति ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से क्रांति के रूप में वर्णित किया। उन्होंने निर्धारित समय से
पहले ही लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी हितधारकों को बधाई दी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रसोई गैस
के शुभारंभ के बाद से पचास वर्षों में, केवल 13 करोड़ कनेक्शन प्रदान किए गए थे, जबकि पिछले 54 महीनों
में, लगभग इतने ही कनेक्शन सरकार द्वारा प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी कनेक्शन का
कवरेज जो 2014 में 55% था से बढ़कर अब 90% हो गया है। श्री प्रधान ने कहा कि पीएमयूवाई के लगभग
80% लाभार्थी सिलेंडर रिफिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएमयूवाई का अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और
विकसित देशों द्वारा स्वागत किया गया है साथ ही इसने दुनिया के विकासशील देशों के लिए एक मिसाल
कायम की है।
देश में बीपीएल परिवारों को खाना पकाने हेतु स्वच्छ ईंधन के रूप में एलपीजी प्रदान करने के उद्देश्य के
साथ भारत सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों (बीपीएल) की महिलाओं को 5 करोड़ जमा-
रहित एलपीजी कनेक्शन देने के लिए ’’प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’’ (पीएमयूवाई) की शुरूआत की थी
जिसका लक्ष्य बाद में रु. 12800 करोड़ के बजटीय आबंटन के साथ 8 करोड़ तक बढ़ाया गया है ।
यूनिवर्सल पीएमयूवाई में अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के अंतर्गत पूर्व में सामाजिक
आर्थिक जाति गणना (एसईसीसी) सूची के माध्यम से चयनित श्रेणियों में जिनका नाम शामिल नहीं हुआ है
और उन्हें एसईसीसी सूची में नाम नहीं होने के कारण एलपीजी कनेक्शन नहीं मिला है उन लाभार्थियों को
निम्न श्रेणियों जैसे अ.जा./अ.ज.जा परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई ग्रामीण), अंत्योदय
अन्न योजना (एएवाई), वनवासी, अत्यधिक पिछड़ा वर्ग (एमवीसी), चाय एवं पूर्व चाय बागान जनजातियों
के लाभार्थियों तथा द्वीपों/नदी तटों पर रहने वाले लोगों की सूची के साथ शामिल किया गया है। 5 करोड़
कनेक्शनों का प्रारंभिक लक्ष्य इसके लिए निर्धारित लक्ष्य तिथि अर्थात् 31 मार्च, 2019 से पहले ही हासिल
कर लिया गया है |

पीएमयूवाई के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय एलपीजी कवरेज में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है विशेष
रूप से पूर्वी राज्यों में । योजना के परिणामस्वरूप ग्रामीण गरीब घरों तक एलपीजी पहुंची है जिसमें 48
प्रतिशत लाभार्थी अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग से है ।
योजना के अंतर्गत 74 प्रतिशत लाभार्थी, जो गैस स्टोव की खरीद एवं पहले रिफिल के लिए अग्रिम राशि
का भुगतान करने में असमर्थ थे, उन्हें ओएमसी द्वारा ऋण सुविधा प्रदान की गई। यहां इस बात का उल्लेख
करना जरूरी है कि पीएमयूवाई लाभार्थियों की औसतन प्रति व्यक्ति खपत 3.28 है। यह उन घरों के जीवन
स्तर में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा सकता है जो लम्बे समय से खाना पकाने हेतु पारंपरिक
ईंधन एवं प्रक्रिया पर आश्रित थे।
समान समूह बातचीत – कुछ सीखें, कुछ सिखाये के माध्यम से अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए एलपीजी
पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य अनुभव को साझा करने के अलावा, एलपीजी के
सुरक्षित एवं किफायती उपयोग को बढ़ावा देना भी है। पीएमयूवाई लाभार्थियों के बीच शिक्षा एवं
जागरूकता भैलाने हेतु ओएमसी द्वारा अभी तक 59,960 एलपीजी पंचायतों एवं सुरक्षा कार्यशालाओं का
आयोजन किया जा चुका है |
01.12.2018 तक उद्योग स्तर पर 22,639 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप हैं। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन
इनफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा देश भर में मार्च 2019
तक 835 नए डिस्ट्रीब्यूटरों को जोड़ने की योजना है।
गरीब परिवारों तक एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए, ओएमसी ने उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 5 किग्रा.
सिलेंडर रिफिल की शुरूआत की है जिसमें उज्ज्वाला लाभार्थी 14.2 किग्रा. सिलेंडर के स्थान पर 5 किग्रा.
रिफिल या इसके विपरीत ले सकते हैं। 31.12.2018 तक 1,33,869 लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ
उठाया है।
ओएमसी ने पीएमयूवाई लाभार्थी जिन्होंने हॉटप्लेट या पहले रिफिल या दोनों के लिए ऋण लिया है, उनके
लिए 01.04.18 से छह रिफिल या एक वर्ष तक ऋण वसूली आस्थगन की छूट भी दी है।

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